कमोडिटी बाज़ार की बात हो और MCX का नाम न आए, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) भारत की सबसे बड़ी कमोडिटी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है और इसके शेयर हमेशा निवेशकों के रडार पर रहते हैं। हाल के दिनों में कंपनी के शेयरों में हल्की हलचल देखी गई है। आज हम जानेंगे कि शेयर की मौजूदा स्थिति क्या है, और किन कारणों से इसमें उतार-चढ़ाव हो रहा है।

MCX Share की भाव में हल्की गिरावट
आज सुबह MCX का शेयर करीब ₹8,133–₹8,146 के बीच कारोबार कर रहा था। यह पिछले बंद भाव से लगभग 0.2% से 0.8% कम है। यानी शेयर में थोड़ी गिरावट दर्ज हुई है।
शुरुआती सत्र में शेयर ने कोई खास रफ्तार नहीं पकड़ी, और निवेशक थोड़ा सतर्क दिखाई दिए। हालांकि, यह गिरावट बहुत बड़ी नहीं है और इसे सामान्य माना जा सकता है। अक्सर जब कोई बड़ी खबर सामने नहीं आती, तो शेयर हल्की-फुल्की चाल दिखाते ही हैं।
तकनीकी गड़बड़ी से रुकी ट्रेडिंग
सुबह के कारोबार में निवेशकों को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ा। MCX के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर तकनीकी दिक्कत आने की वजह से कुछ देर तक ट्रेडिंग बंद रही। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, सुबह करीब 9:45 से 10:10 बजे तक प्लेटफॉर्म पर कारोबार ठप था। बाद में समस्या को ठीक करके ट्रेडिंग दोबारा शुरू की गई।
इस तरह की तकनीकी समस्याएं निवेशकों का भरोसा थोड़ा हिला देती हैं, लेकिन अच्छी बात ये रही कि इसे जल्द ही ठीक कर लिया गया।
SEBI के फैसले और नए कॉन्ट्रैक्ट्स से उम्मीदें
22 जुलाई को एक अहम ख़बर सामने आई जब SEBI ने Jane Street पर लगाए गए कुछ प्रतिबंध हटा लिए। इस कदम का सकारात्मक असर MCX और BSE दोनों के शेयरों पर दिखा, और दोनों में लगभग 2% की बढ़त दर्ज हुई। बाज़ार विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह के फैसले निवेशकों में भरोसा लौटाने का काम करते हैं।
इसके अलावा MCX को हाल ही में SEBI की मंज़ूरी मिली है कि वह इलेक्ट्रिसिटी डेरिवेटिव्स लॉन्च कर सकता है। बाज़ार जानकारों का कहना है कि इससे कंपनी के ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ सकते हैं और नए कारोबार के मौके मिल सकते हैं। आने वाले समय में ये फैसले कंपनी के विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
आर्थिक स्थिति और भविष्य की संभावनाएं
MCX की आर्थिक सेहत भी मज़बूत दिखाई दे रही है। कंपनी पूरी तरह से कर्ज़-मुक्त है और FY25 में इसका सालाना राजस्व करीब 60% बढ़ा है। साथ ही कंपनी ने अपने शेयरधारकों को ₹30 प्रति शेयर का लाभांश देने का ऐलान किया है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 8 अगस्त तय की गई है।
अगर कुछ मुख्य आंकड़ों की बात करें तो:
- P/E अनुपात: ~74
- P/B अनुपात: ~14.8
- ROE: ~34%
- बाज़ार पूंजीकरण: ~₹41,500–₹41,800 करोड़
- 52-हफ्ते का उच्च/न्यूनतम: ₹9,115 / ₹3,620
ये आंकड़े बताते हैं कि निवेशक अभी भी कंपनी की विकास संभावनाओं में भरोसा रखते हैं। UBS और ICICI Securities जैसी ब्रोकरेज फर्म्स ने MCX पर सकारात्मक रुख बरकरार रखा है और UBS ने शेयर का दीर्घकालीन लक्ष्य करीब ₹10,000 बताया है।
निष्कर्ष
MCX का शेयर भले ही आज थोड़ी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा हो, लेकिन हाल के घटनाक्रम जैसे SEBI की मंज़ूरी, नए कॉन्ट्रैक्ट्स और मजबूत आर्थिक स्थिति निवेशकों के लिए भरोसेमंद संकेत हैं। अगर आप इस शेयर में दिलचस्पी रखते हैं तो आने वाले समय में इसके प्रदर्शन और नई पहलों पर नज़र रखना फायदेमंद हो सकता है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह ज़रूर लें और समझदारी से फैसला करें।
F.A.Q.
– MCX में आज ट्रेडिंग में रुकावट क्यों आई थी?
सुबह MCX के प्लेटफॉर्म पर तकनीकी गड़बड़ी आ गई थी, जिसकी वजह से करीब 20–25 मिनट तक ट्रेडिंग बंद रही। बाद में दिक्कत दूर कर दी गई और कारोबार फिर से शुरू हो गया।
– SEBI के किस फैसले से MCX को फायदा हुआ?
SEBI ने हाल ही में Jane Street पर लगाए गए कुछ प्रतिबंध हटा लिए, जिससे MCX और BSE के शेयरों में लगभग 2% की तेजी आई।
– MCX को नए कौन-से कॉन्ट्रैक्ट्स लॉन्च करने की मंज़ूरी मिली है?
SEBI ने MCX को इलेक्ट्रिसिटी डेरिवेटिव्स लॉन्च करने की मंज़ूरी दी है, जिससे कंपनी के कारोबार और ट्रेडिंग वॉल्यूम में बढ़त की उम्मीद है।
– क्या MCX अपने शेयरधारकों को डिविडेंड भी देती है?
हाँ, MCX ने हाल ही में ₹30 प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 8 अगस्त तय की गई है।
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