TCS Q1 के नतीजों में बड़ा खुलासा: मुनाफा बढ़ा, लेकिन शेयर पर मंडरा रहा खतरा!

आज Tata Consultancy Services (TCS) की बोर्ड बैठक आयोजित हुई, जिसमें कंपनी ने वित्त वर्ष 2025–26 की पहली तिमाही (Q1 FY26) के नतीजों को मंजूरी दी। बोर्ड ने साथ ही संभावित हस्तांतरिम लाभांश (interim dividend) पर भी चर्चा की।

बोर्ड ने लाभांश के लिए 16 जुलाई 2025 को रिकॉर्ड डेट निर्धारित की है। नतीजों के बाद बाजार की नजर अब इस पर है कि निवेशकों को कितना लाभांश मिलेगा और शेयर की चाल कैसी रहती है।

tcs q1 fy26 results profit revenue dividend share price

TCS ने Q1 में मुनाफा और राजस्व में हल्की बढ़त

विश्लेषकों की उम्मीदों के अनुरूप TCS ने Q1 में मुनाफा और राजस्व में हल्की बढ़त दर्ज की। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹12,040 करोड़ से ₹12,416 करोड़ के बीच रहा, जो साल दर साल (YoY) करीब 1%–3% की बढ़त को दर्शाता है। वहीं, राजस्व भी लगभग ₹62,613–₹64,993 करोड़ तक पहुंचा, जिसमें 2.7%–3.8% की वार्षिक वृद्धि हुई।

हालांकि, तिमाही दर तिमाही (QoQ) वृद्धि थोड़ी सुस्त रही, लेकिन यह विश्लेषकों की उम्मीदों के भीतर रही। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी अपनी स्थिरता बनाए रखने में सफल रही है, भले ही बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स में चुनौतियां सामने आईं।

BSNL कॉन्ट्रैक्ट का असर और मार्जिन पर दबाव

नतीजों में एक अहम बात यह रही कि राजस्व वृद्धि में दबाव का कारण BSNL के बड़े कॉन्ट्रैक्ट का वाइंड-डाउन बताया गया। दूरसंचार क्षेत्र में BSNL के इस कॉन्ट्रैक्ट के समाप्त होने से कंपनी के राजस्व में 0.3%–1.3% तक की गिरावट दर्ज की गई, खासतौर पर constant currency के हिसाब से।

मार्जिन (EBIT Margin) पर भी थोड़ा दबाव देखने को मिला। मुनाफे के मार्जिन में 10–30 बेसिस प्वाइंट्स तक गिरावट हुई। हालांकि, तिमाही-दर-तिमाही तुलना में यह स्थिर रहने या थोड़ा सुधरने की उम्मीद की जा रही थी।

TCS के शेयर प्राइस पर असर और आगे की रणनीति

2025 की शुरुआत से अब तक TCS के शेयरों में करीब 18% की गिरावट आ चुकी है। ऐसे में इस तिमाही के नतीजों के बाद निवेशकों की नजर इस पर टिकी है कि क्या शेयरों में रिकवरी देखने को मिलेगी या सतर्कता बनी रहेगी।

कंपनी ने आगे की रणनीति पर भी संकेत दिए—जिसमें भारतीय और वैश्विक रिकवरी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड सेवाओं में निवेश, डील पाइपलाइन को मजबूत करना, और कर्मचारियों की भर्तियों के साथ attrition rate पर नियंत्रण शामिल है। निवेशकों और विश्लेषकों की दिलचस्पी अब TCS की कमेंट्री और इन पहलुओं पर आगे की प्रगति में होगी।

निष्कर्ष

Q1 FY26 के नतीजे मिश्रित रहे। मुनाफा और राजस्व में हल्की वृद्धि हुई, जबकि BSNL कॉन्ट्रैक्ट के असर से कुछ दबाव साफ दिखा। मार्जिन स्थिर रहे और संभावित लाभांश की घोषणा से शेयरहोल्डर्स को राहत मिल सकती है। अब बाजार इस बात पर नजर रख रहा है कि ये नतीजे TCS के लिए एक नई शुरुआत साबित होते हैं या निवेशकों की सतर्कता बनी रहती है।

F.A.Q.

– TCS ने इस तिमाही (Q1 FY26) में कितना मुनाफा कमाया?

TCS ने अप्रैल-जून 2025 (Q1 FY26) में करीब ₹12,040 करोड़ से ₹12,416 करोड़ तक मुनाफा कमाया, जो पिछले साल से लगभग 1%–3% ज्यादा है।

– TCS के राजस्व (Revenue) में कितनी बढ़त हुई?

कंपनी का राजस्व इस तिमाही में करीब ₹62,613–₹64,993 करोड़ रहा, जो साल दर साल (YoY) करीब 2.7%–3.8% की बढ़त दिखाता है।

– BSNL के कॉन्ट्रैक्ट का TCS पर क्या असर पड़ा?

TCS के मुताबिक BSNL का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने से इस तिमाही में कमाई पर दबाव आया और constant currency में लगभग 0.3%–1.3% की गिरावट दर्ज हुई।

– क्या TCS इस बार लाभांश (Dividend) भी देगी?

हां, बोर्ड ने अंतरिम लाभांश पर फैसला करने के लिए 16 जुलाई 2025 को रिकॉर्ड डेट तय की है। इससे निवेशकों को फायदा हो सकता है।

– TCS के शेयर की कीमत पर क्या असर पड़ सकता है?

2025 की शुरुआत से अब तक शेयर में करीब 18% की गिरावट आ चुकी है। अब बाजार देख रहा है कि नतीजों और संभावित लाभांश के बाद शेयरों में रिकवरी होती है या नहीं।

Also read:-

Author Box
  • Manoj Talukdar

    नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम मनोज तालुकदार है, और मैं लम्बे समय से शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड जैसे निवेश से जुड़े क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रहा हूं। इस दौरान मैंने जो अनुभव और ज्ञान अर्जित किया है, उसे मैं आप सभी के साथ इस वेबसाइट के माध्यम से साझा करना चाहता हूं। मेरा उद्देश्य है कि इस वेबसाइट के जरिए आपको निवेश से जुड़ी सही और उपयोगी जानकारी प्रदान कर सकूं, ताकि आप अपने निवेश निर्णयों को बेहतर बना सकें।

Leave a Comment

Join Our WhatsApp Group!