अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं और खासकर क्लीन एनर्जी जैसे भविष्य के सेक्टर पर नजर रखते हैं, तो एक अच्छी खबर आपके लिए है। उत्तर प्रदेश की एक कंपनी Inox Clean Energy बहुत जल्द बाजार में कदम रखने जा रही है। कंपनी ने अपने आईपीओ (Initial Public Offering) के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, Inox Clean Energy इस आईपीओ के जरिए करीब ₹6000 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी का लक्ष्य है कि इस इश्यू के जरिए एक मजबूत वैल्यूएशन हासिल की जाए। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चला, तो यह भारत के क्लीन एनर्जी सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ भी बन सकता है।

Inox Clean Energy का कारोबार और बैकग्राउंड
Inox Clean Energy, Inox GFL Group की एक कंपनी है। इसकी शुरुआत 2017 में हुई थी। कंपनी मुख्य रूप से रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ सोलर सेल और सोलर मॉड्यूल बनाने का काम करती है। इसके तहत कंपनी की दो प्रमुख सब्सिडरी भी हैं — Inox New Energy और Inox Solar।
इस समय कंपनी के पास करीब 157 मेगावाट की ऑपरेशनल कैपेसिटी मौजूद है। इसके अलावा कंपनी 400 मेगावाट की अतिरिक्त क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है, जिसमें से 350 मेगावाट हाइब्रिड और 50 मेगावाट सोलर होगा। कंपनी के पास 2.2 गीगावाट से ज्यादा प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं, यानी आने वाले समय में इसके पास अच्छी ग्रोथ की संभावनाएं हैं।
Inox Clean Energy IPO से जुटाए पैसे का इस्तेमाल
अब सवाल उठता है कि कंपनी इस आईपीओ से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कहां करेगी? जानकारी के मुताबिक, Inox Clean Energy इस रकम का बड़ा हिस्सा नए सोलर पावर प्रोडक्शन यूनिट्स में लगाएगी। कंपनी की योजना अगले 2 साल में 4.8 गीगावाट सोलर सेल और 7.2 गीगावाट सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी तैयार करने की है।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि कंपनी पहले ही लगभग ₹700 करोड़ इक्विटी के रूप में जुटा चुकी है, यानी कंपनी ने अपनी तैयारी पहले से शुरू कर दी है।
ग्रुप की अन्य कंपनियां और मैनेजमेंट
अगर आप Inox GFL Group के बारे में ज्यादा नहीं जानते, तो बता दें कि इस ग्रुप की चार कंपनियां पहले से ही शेयर बाजार में लिस्टेड हैं — Gujarat Fluorochemicals, Inox Wind, Inox Green Energy Services, और Inox Wind Energy। Inox Clean Energy आईपीओ के बाद ग्रुप की पांचवीं लिस्टेड कंपनी बन जाएगी।
इस आईपीओ को सफल बनाने के लिए कंपनी ने JM Financial और Motilal Oswal को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया है।
क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में हाल के दिनों में कई बड़े आईपीओ आए हैं। Juniper Green और Waaree Energies के आईपीओ ने भी काफी चर्चा बटोरी थी। लेकिन आंकड़ों के हिसाब से Inox Clean Energy का यह आईपीओ इन दोनों से बड़ा होने वाला है।
निवेशकों के लिए क्या है मौका?
अगर आप लंबे समय के निवेशक हैं और क्लीन एनर्जी सेक्टर में भरोसा रखते हैं, तो यह आईपीओ आपके लिए दिलचस्प हो सकता है। भारत सरकार भी रिन्यूएबल एनर्जी को लगातार बढ़ावा दे रही है और भविष्य में इसकी मांग बढ़ने की पूरी संभावना है। ऐसे में Inox Clean Energy का यह कदम न सिर्फ कंपनी के लिए, बल्कि भारतीय रिन्यूएबल सेक्टर के लिए भी एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।
F.A.Q.
– Inox Clean Energy किस सेक्टर में काम करती है?
Inox Clean Energy क्लीन एनर्जी सेक्टर में काम करती है। कंपनी सोलर सेल, सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स डिवेलप करने का काम करती है।
– Inox Clean Energy का IPO कितनी रकम का होगा?
कंपनी का लक्ष्य अपने IPO के जरिए करीब ₹6000 करोड़ जुटाने का है।
– IPO से जुटाए गए पैसों का कंपनी क्या करेगी?
कंपनी इस रकम का बड़ा हिस्सा नए सोलर पावर प्रोडक्शन यूनिट्स और मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने में लगाएगी।
– यह IPO कब लॉन्च होगा?
फिलहाल कंपनी ने सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर्स जमा किए हैं। सेबी की मंजूरी मिलने और अन्य प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद लॉन्च की तारीख तय की जाएगी।
– क्या यह IPO क्लीन एनर्जी सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा होगा?
अगर योजना के मुताबिक सब कुछ ठीक रहा, तो यह भारत के क्लीन एनर्जी सेक्टर का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता है।
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