आईटी सेक्टर की जानी-मानी कंपनी Wipro ने 17 जुलाई 2025 को अपने वित्त वर्ष 2025–26 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए। इस तिमाही में कंपनी ने मुनाफे के मोर्चे पर अच्छी प्रगति की और डील बुकिंग में भी मजबूत प्रदर्शन दिखाया। हालांकि, राजस्व की वृद्धि सीमित रही और भविष्य की मांग पर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।
आइए सरल भाषा में समझते हैं कि Wipro के इन नतीजों से निवेशकों को क्या संकेत मिलते हैं और इसमें किन चीजों पर ध्यान देना चाहिए।

Wipro के शुद्ध लाभ में करीब 11% की बढ़त
Wipro ने Q1 FY26 में लगभग ₹3,330–₹3,336 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया। यह पिछले साल की इसी तिमाही के ₹3,003–₹3,036 करोड़ की तुलना में करीब 11% ज्यादा है। मुनाफे में यह बढ़त मुख्य रूप से लागत पर बेहतर नियंत्रण और ऑपरेशनल सुधार की वजह से हुई।
कंपनी का EBIT मार्जिन भी बढ़ा है, जिससे यह पता चलता है कि Wipro ने अपने खर्चों को कुशलता से संभाला। निवेशकों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है कि कंपनी मुश्किल परिस्थितियों में भी अपने मुनाफे को बेहतर बनाने में कामयाब रही।
राजस्व में मामूली बढ़त और क्षेत्रीय चुनौतियां
अगर कुल राजस्व की बात करें, तो Wipro ने इस तिमाही में करीब ₹22,100 करोड़ का राजस्व हासिल किया। इसमें साल-दर-साल केवल 0.7–0.8% की मामूली बढ़त देखने को मिली।
हालांकि यह सकारात्मक है कि कंपनी का राजस्व बढ़ा, लेकिन इस वृद्धि की रफ्तार उम्मीद से थोड़ी धीमी रही।
क्षेत्रों के हिसाब से देखें तो
- अमेरिका और हेल्थ-कम्युनिकेशन सेक्टर में मांग स्थिर रही,
- लेकिन यूरोप में कमजोर मांग के कारण दबाव दिखाई दिया।
यह दिखाता है कि ग्लोबल आईटी खर्च में अब भी सतर्कता है, और खासकर यूरोप में ग्राहक नई परियोजनाओं पर धीरे-धीरे कदम बढ़ा रहे हैं।
डील बुकिंग में मजबूती
Wipro ने इस तिमाही में कुल $5 बिलियन के नए अनुबंध हासिल किए, जिसमें से $2.7 बिलियन बड़े सौदे थे।
यह बुकिंग पिछले साल की तुलना में करीब 50% से 130% ज्यादा रही। यह आंकड़ा बताता है कि कंपनी की पेशकश ग्राहकों के लिए भरोसेमंद और आकर्षक रही।
इस मजबूत डील बुकिंग से उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले समय में राजस्व पर इसका सकारात्मक असर दिखाई दे।
कंपनी के सीईओ Srini Pallia ने कहा कि “ग्राहक मौजूदा आर्थिक हालात में लागत बचत और दक्षता बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं।” CFO Aparna Iyer ने भी EBIT मार्जिन में सुधार और 123% का कैश फ्लो रूपांतरण होने की जानकारी दी।
शेयर बाजार की प्रतिक्रिया और आगे का मार्गदर्शन
नतीजों के बाद Wipro के अमेरिका में लिस्टेड ADR (American Depositary Receipts) में करीब 5% की तेजी देखने को मिली और ADR का भाव $3.12 तक पहुंच गया।
भारत में हालांकि शेयर ने हल्का दबाव झेला, क्योंकि कंपनी ने Q2 के लिए जो मार्गदर्शन दिया वह उम्मीद से कमजोर था।
कंपनी ने Q2 के लिए राजस्व $2.56–2.61 बिलियन के बीच रहने का अनुमान दिया है, जो constant currency में –1% से +1% के बीच की हल्की वृद्धि को दर्शाता है।
यानी आने वाली तिमाही में मांग में कोई बड़ी तेजी फिलहाल नजर नहीं आ रही।
निष्कर्ष
Wipro के Q1 नतीजे संतुलित कहे जा सकते हैं। शुद्ध लाभ और मार्जिन में सुधार और डील बुकिंग के अच्छे आंकड़े निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
लेकिन यूरोप में कमजोर मांग और Q2 के लिए धीमा आउटलुक यह भी दिखाता है कि आईटी सेक्टर की चुनौतियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।
निवेशकों के लिए यह सलाह दी जाती है कि वे कंपनी की डिटेल रिपोर्ट पढ़ें और EPS, डील बुकिंग, ऑपरेटिंग कैश फ्लो जैसे आंकड़ों पर ध्यान दें।
कुल मिलाकर यह तिमाही दिखाती है कि कंपनी अपने संचालन को लगातार बेहतर बना रही है, लेकिन बाजार की उम्मीदें अभी भी थोड़ी सतर्क बनी हुई हैं।
F.A.Q.
– Wipro का Q1 FY26 में शुद्ध लाभ कितना रहा?
Wipro का शुद्ध लाभ Q1 में ₹3,330–₹3,336 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 11% ज्यादा है।
– कंपनी के राजस्व में कितनी वृद्धि हुई?
कंपनी का राजस्व इस तिमाही में ₹22,100 करोड़ रहा, जो साल-दर-साल करीब 0.7–0.8% की मामूली वृद्धि है।
– डील बुकिंग में इस तिमाही Wipro ने कैसा प्रदर्शन किया?
Wipro ने Q1 FY26 में $5 बिलियन की नई डील्स साइन कीं, जिनमें से $2.7 बिलियन बड़े सौदे थे। यह पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर है।
– Wipro के शेयर पर नतीजों का क्या असर पड़ा?
नतीजों के बाद Wipro के ADR (अमेरिका) में करीब 5% की तेजी आई, लेकिन भारत में शेयर हल्का दबाव में रहा और YTD अब भी करीब 13–14% नीचे है।
– Q2 FY26 के लिए कंपनी ने क्या मार्गदर्शन दिया है?
कंपनी ने Q2 के लिए राजस्व $2.56–2.61 बिलियन के बीच रहने का अनुमान दिया है, जो –1% से +1% तक की सीमित वृद्धि को दर्शाता है।
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