₹96 का शेयर ₹158 तक पहुंचा — Spunweb IPO की कहानी और आगे की रणनीति

पिछले हफ्ते शेयर बाज़ार में एक और SME IPO ने निवेशकों का ध्यान खींचा। हम बात कर रहे हैं Spunweb Nonwoven के IPO और उसकी लिस्टिंग की, जिसने 14–16 जुलाई 2025 के बीच जबरदस्त रेस्पॉन्स पाया।

राजकोट आधारित यह कंपनी अपने कारोबार और मुनाफ़े के दम पर काफी चर्चा में रही। आइए इस IPO की पूरी कहानी सरल भाषा में समझते हैं।

spunweb nonwoven ipo listing july 2025

Spunweb Nonwoven IPO में ज़ोरदार सब्सक्रिप्शन

Spunweb Nonwoven ने ₹90–96 प्रति शेयर के प्राइस बैंड पर करीब ₹60.98 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा। इसके लिए कंपनी ने कुल 63.52 लाख शेयर जारी किए, और यह पूरी तरह से फ्रेश इश्यू था।

IPO को निवेशकों से शानदार समर्थन मिला। अंतिम दिन तक यह लगभग 251 गुना सब्सक्राइब हो गया। रिटेल निवेशकों के अलावा QIB (क्वालिफ़ाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स) और NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स) का भी अच्छा योगदान देखने को मिला।

अगर ग्रे मार्केट की बात करें, तो वहां इस शेयर का प्रीमियम ₹35–42 के बीच रहा। यानी इश्यू प्राइस पर लगभग 36–44% की बढ़त दिख रही थी, जो पहले से ही इसकी अच्छी मांग का संकेत दे रही थी।

NSE SME प्लेटफ़ॉर्म पर लिस्टिंग

IPO के बाद सभी की निगाहें इसकी लिस्टिंग पर थीं। 21 जुलाई 2025 को Spunweb Nonwoven का शेयर NSE SME पर ₹151 के स्तर पर सूचीबद्ध हुआ। यह इसके इश्यू प्राइस ₹96 के मुकाबले लगभग 57% प्रीमियम के साथ था।

लिस्टिंग के दिन शेयर ने ऊंचाई भी छुई और शुरुआती ट्रेडिंग में यह ₹158.55 तक पहुंच गया। यानी लिस्टिंग प्राइस पर भी करीब 5% का अपर सर्किट लग गया। कुल मिलाकर, पहले दिन इसने 65%+ का प्रीमियम दिखाया।

लिस्टिंग के दिन करीब 25.9 लाख शेयरों का ट्रेड हुआ, जिससे साफ़ पता चलता है कि बाज़ार में निवेशकों की दिलचस्पी कितनी ज़्यादा रही।

IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग

कंपनी ने पहले ही बता दिया था कि IPO से जुटाई गई लगभग ₹61 करोड़ की रकम को कैसे इस्तेमाल किया जाएगा।

  • लगभग ₹29 करोड़ अपनी कार्यशील पूंजी के लिए।
  • ₹10 करोड़ अपनी सहायक कंपनी SIPL की कार्यशील पूंजी में।
  • ₹8 करोड़ ऋण चुकाने में।
  • और बाकी सामान्य कॉर्पोरेट ज़रूरतों के लिए।

यह साफ़ योजना दिखाती है कि कंपनी ने अपने फंड्स का उपयोग सोच-समझकर तय किया है।

वित्तीय प्रदर्शन और कारोबार

अब ज़रा कंपनी के बिज़नेस और नतीजों पर भी नज़र डालते हैं। Spunweb Nonwoven राजकोट में स्थित है और यह polypropylene spunbond nonwoven फैब्रिक्स बनाती है। इनका उपयोग हाइजीन, हेल्थकेयर, पैकेजिंग, कृषि, निर्माण और घरेलू सजावट जैसे कई क्षेत्रों में होता है।

कंपनी के FY2025 के नतीजे काफी मजबूत रहे। इसने अपने राजस्व में लगभग 47% की वृद्धि दर्ज की और नेट मुनाफ़ा लगभग 98% बढ़ा। यही मजबूत नतीजे और भविष्य की संभावनाएं निवेशकों को आकर्षित करने में सफल रहीं।

Spunweb Nonwoven Share में आगे का रुझान और संभावनाएं

लिस्टिंग के बाद अक्सर ऐसा होता है कि कई निवेशक मुनाफ़ा बुक करने लगते हैं। तो हो सकता है कि अगले कुछ दिनों में इसमें थोड़ी हलचल देखने को मिले।

लेकिन मध्यम से लंबी अवधि के लिए कंपनी की मजबूत बुनियादी बातें, विविध ग्राहक क्षेत्र, और वित्तीय प्रदर्शन इसे ₹200–₹250 के स्तर तक ले जा सकते हैं—अगर बाज़ार का माहौल भी अनुकूल रहा।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर देखा जाए तो Spunweb Nonwoven का IPO और लिस्टिंग दोनों ही सफल रहे। मजबूत सब्सक्रिप्शन, अच्छा ग्रे मार्केट प्रीमियम और ठोस कारोबार ने इसे बाज़ार में एक भरोसेमंद विकल्प बना दिया।

अगर आपने इसमें निवेश किया है, तो जल्दबाज़ी में कोई निर्णय लेने से पहले बाज़ार की चाल और कंपनी की आगे की योजनाओं पर नज़र रखनी चाहिए।

लिस्टिंग का प्रीमियम अच्छा मिला है, लेकिन अगर आप लंबे समय के निवेशक हैं, तो कंपनी की बुनियादी ताकतों को ध्यान में रखते हुए इसे होल्ड करना समझदारी हो सकता है।

F.A.Q.

– Spunweb Nonwoven का IPO कब खुला और कब बंद हुआ?

Spunweb Nonwoven का IPO 14 जुलाई 2025 को खुला और 16 जुलाई 2025 को बंद हुआ।

– इस IPO का इश्यू प्राइस और प्राइस बैंड क्या था?

इसका प्राइस बैंड ₹90–₹96 प्रति शेयर रखा गया था।

– इस IPO में सब्सक्रिप्शन कितना हुआ?

इस IPO को निवेशकों से ज़बरदस्त प्रतिक्रिया मिली और यह लगभग 251 गुना सब्सक्राइब हुआ।

– लिस्टिंग के दिन शेयर का भाव कितना रहा?

लिस्टिंग के दिन Spunweb Nonwoven का शेयर NSE SME पर ₹151 पर सूचीबद्ध हुआ, जो इश्यू प्राइस से करीब 57% ज़्यादा था। शुरुआती ट्रेड में यह ₹158.55 तक पहुंच गया।

– क्या अब इस शेयर में निवेश करना ठीक रहेगा?

अगर आप शॉर्ट–टर्म मुनाफ़ा लेना चाहते हैं तो थोड़ा सावधान रहना चाहिए, क्योंकि शुरुआती मुनाफ़ा बुकिंग हो सकती है। लेकिन अगर आपका नज़रिया मध्यम या लंबी अवधि का है, तो कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और कारोबार को देखते हुए होल्ड करना या गिरावट पर खरीदारी करना समझदारी हो सकती है।

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  • Manoj Talukdar

    नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम मनोज तालुकदार है, और मैं लम्बे समय से शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड जैसे निवेश से जुड़े क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रहा हूं। इस दौरान मैंने जो अनुभव और ज्ञान अर्जित किया है, उसे मैं आप सभी के साथ इस वेबसाइट के माध्यम से साझा करना चाहता हूं। मेरा उद्देश्य है कि इस वेबसाइट के जरिए आपको निवेश से जुड़ी सही और उपयोगी जानकारी प्रदान कर सकूं, ताकि आप अपने निवेश निर्णयों को बेहतर बना सकें।

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