पिछले कुछ दिनों से मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) के शेयर में अच्छी खासी हलचल देखी जा रही है। एक तरफ़ कंपनी के तिमाही नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे, वहीं दूसरी ओर शेयर में धीरे-धीरे लिवाली लौटती नजर आ रही है।
निवेशकों के बीच इसे लेकर मिला-जुला माहौल बना हुआ है। कुछ लोग इसे लंबी अवधि के लिए मौका मान रहे हैं तो कुछ अभी भी सतर्क दिखाई दे रहे हैं। आइए जानते हैं कि कंपनी के तिमाही नतीजे कैसे रहे, शेयर ने कैसा प्रदर्शन किया और आगे की राह कैसी दिख रही है।

MRPL के तिमाही नतीजे कमजोर, घाटा बढ़ा
MRPL ने वित्त वर्ष 2025–26 की पहली तिमाही (Q1) में ₹271–₹272 करोड़ का शुद्ध घाटा दर्ज किया। पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी ने ₹73 करोड़ का मुनाफ़ा कमाया था, यानी इस बार नतीजे पिछली बार से काफी कमजोर रहे।
कंपनी के कुल राजस्व में भी कमी आई और यह लगभग 23% घटकर ₹20,988 करोड़ पर आ गया। इसका मुख्य कारण परिचालन में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बताया जा रहा है।
ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) पर भी असर दिखा। पिछले साल GRM जहां $4.70 प्रति बैरल था, इस बार यह घटकर $3.88 प्रति बैरल रह गया।
MRPL Share में उतार-चढ़ाव, फिर उछाल
कमजोर नतीजों का असर शेयर पर तुरंत दिखा। 21 जुलाई को MRPL के शेयर में करीब 7–8% की गिरावट आई और यह ₹136–₹138.70 के बीच आ गया। लेकिन अगले ही दो दिनों यानी 22 और 23 जुलाई को शेयर ने थोड़ा संभलना शुरू किया और ₹142–₹154 तक पहुंच गया।
22 जुलाई को NSE पर शेयर ने इंट्राडे में ₹146.95 का उच्च स्तर भी छुआ। हालांकि यह अभी भी अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर ₹224 से काफी नीचे बना हुआ है।
विशेषज्ञों की राय और भविष्य की उम्मीदें
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तिमाही में कंपनी को शटडाउन और इन्वेंट्री लॉस का भी असर झेलना पड़ा। Yes Securities का अनुमान है कि अगले कुछ महीनों में हालात सुधर सकते हैं और रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार से कंपनी के नतीजे बेहतर हो सकते हैं।
Yes Securities ने शेयर पर “Buy” की सलाह देते हुए ₹180 का लक्ष्य दिया है। हालांकि तकनीकी विश्लेषण से यह भी पता चलता है कि शेयर अभी भी कई अहम मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है, जिससे शॉर्ट टर्म में दबाव बना रह सकता है।
निवेशकों के लिए क्या रणनीति हो?
MRPL के शेयर में जो हलचल दिख रही है, उसमें उतार-चढ़ाव रहना तय है। पिछले एक साल में इस शेयर ने करीब 32–35% का नुकसान दिया है, लेकिन हाल की गिरावट के बाद इसमें थोड़ी खरीदारी देखने को मिल रही है।
अगर आप लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो अगली तिमाही के नतीजों तक का इंतजार करना बेहतर हो सकता है। जिन निवेशकों को जोखिम उठाने में कोई हिचक नहीं है, वे धीरे-धीरे निवेश करने की रणनीति पर विचार कर सकते हैं।
निष्कर्ष:
MRPL के नतीजे कमजोर रहे, लेकिन शेयर में थोड़ी लिवाली लौटती दिख रही है। शॉर्ट टर्म में दबाव बना रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि में सुधार की उम्मीदें हैं। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें और जोखिम को ध्यान में रखकर ही कोई निर्णय लें।
F.A.Q.
– MRPL ने इस तिमाही में घाटा क्यों दर्ज किया?
MRPL को Q1 FY26 में ₹271–272 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ, जिसकी वजह परिचालन में कमजोरी, शटडाउन, इन्वेंट्री लॉस और ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) में कमी रही।
– MRPL के शेयर में गिरावट के बाद फिर से तेजी क्यों आई?
कमजोर नतीजों के बाद शेयर में गिरावट आई, लेकिन अगले दो दिनों में बाजार से समर्थन मिला और निवेशकों ने लंबी अवधि के सुधार की उम्मीद में खरीदारी शुरू कर दी।
– क्या अभी MRPL का शेयर खरीदना सही है?
विशेषज्ञों की राय है कि लंबी अवधि के लिए निवेश करने वाले निवेशक धीरे-धीरे इस स्तर पर निवेश पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, शॉर्ट टर्म में शेयर में उतार-चढ़ाव रह सकता है, इसलिए सावधानी जरूरी है।
– MRPL का लक्ष्य मूल्य कितना है?
Yes Securities ने MRPL के शेयर पर “Buy” रेटिंग देते हुए ₹180 का लक्ष्य रखा है।
– MRPL का शेयर अपने उच्चतम स्तर से कितना नीचे है?
अभी MRPL का शेयर अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर ₹224 से काफी नीचे, करीब ₹142–₹154 के बीच ट्रेड कर रहा है।
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