IEX के शेयरों में 10% की गिरावट! अब क्या निवेशकों को डरना चाहिए?

24 जुलाई 2025 को IEX (Indian Energy Exchange) के शेयरों में तेज़ गिरावट देखने को मिली। BSE पर यह शेयर ₹169.10 तक नीचे चला गया, जो उस दिन के लिए तय निचला सर्किट था—यानी पूरे 10% की गिरावट।

यह गिरावट अचानक नहीं थी, इसके पीछे कुछ ठोस वजहें हैं। सबसे अहम वजह रही—CERC (Central Electricity Regulatory Commission) की एक नई नीति: मार्केट कपलिंग

iex share price fall 10 percent market coupling impact

मार्केट कपलिंग: आखिर क्या है यह नीति? सीधा असर IEX Share पर

CERC की इस नई रणनीति का मकसद है देश के सभी पावर एक्सचेंजों—जैसे IEX, PXIL, HPX—को एक साझा मूल्य खोज ढांचे में लाना। अभी तक हर एक्सचेंज अपनी बोली प्रणाली के ज़रिए बिजली की कीमत तय करता था, लेकिन मार्केट कपलिंग लागू होने के बाद, सभी एक्सचेंज एक ही साझा सिस्टम में बोली लगाएंगे और एक ही clearing price पर ट्रेडिंग होगी।

इसका सीधा असर IEX के बिज़नेस मॉडल पर पड़ सकता है क्योंकि अभी तक IEX इस क्षेत्र में लगभग 85% की हिस्सेदारी रखता आया है। जब सभी एक्सचेंज एक जैसी कीमत पर बिजली बेचेंगे, तब छोटे एक्सचेंजों को भी बराबरी का मौका मिलेगा।

क्यों बना यह फैसला IEX के लिए सबसे बड़ी चिंता?

IEX की सबसे बड़ी ताकत उसका प्राइस डिस्कवरी मैकेनिज़्म रहा है। बड़ी संख्या में खरीदार और विक्रेता इसी वजह से IEX पर आते हैं क्योंकि वहां बेहतर और तेज़ कीमत तय होती है। लेकिन अगर अब वही प्रक्रिया एक केंद्रीकृत सिस्टम से होनी है, तो IEX की खासियत कम हो जाएगी।

CERC ने इस बदलाव की शुरुआत जनवरी 2026 से करने की बात कही है। इसका मतलब है कि निवेशकों के पास सोचने-समझने का वक्त है, लेकिन बाज़ार हमेशा संभावनाओं को पहले डिस्काउंट करता है। यही वजह रही कि 24 जुलाई को निवेशकों ने घबराकर भारी बिकवाली की।

निवेशकों की चिंता: क्या IEX अब वैसा नहीं रहेगा?

IEX को एक मजबूत कंपनी माना जाता रहा है। कंपनी का ROCE (Return on Capital Employed) करीब 53% है, जबकि ROE (Return on Equity) लगभग 40% के आसपास है। साथ ही, यह एक कैश-रिच कंपनी भी है, जिसका डिविडेंड यील्ड 1.7% से 1.8% के बीच रहा है।

लेकिन बाज़ार भावनाओं से चलता है। और जब किसी कंपनी का मोनोपॉली खत्म होने का खतरा महसूस होता है, तब निवेशक सतर्क हो जाते हैं। यही स्थिति IEX के साथ हो रही है।

तकनीकी संकेत क्या बता रहे हैं?

अगर चार्ट्स की बात करें तो IEX का शेयर पिछले सात दिनों से लगातार गिर रहा है। यह अपने सभी अहम मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है, जो एक नकारात्मक संकेत माना जाता है। टेक्निकल ट्रेडर्स के अनुसार, ₹170–₹165 का स्तर इस समय एक महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन बन चुका है। अगर यह स्तर भी टूटता है तो और गिरावट मुमकिन है।

इससे पहले भी जून महीने में प्रधानमंत्री की बैठक की खबरों के चलते IEX के शेयरों में लगभग 10% की गिरावट आई थी। यानी यह पहला मौका नहीं है जब इस तरह की नीतिगत चर्चाओं ने स्टॉक को दबाव में डाला हो।

आगे क्या देखना चाहिए?

1. Q1FY26 के नतीजे:
IEX के तिमाही नतीजे 24 जुलाई की शाम को आने हैं। अगर कंपनी का मुनाफा उम्मीद से बेहतर आता है, तो यह गिरावट कुछ हद तक थम सकती है। लेकिन अगर नतीजे भी निराशाजनक रहे, तो शेयर में और दबाव आ सकता है।

2. CERC की आगे की घोषणाएँ:
अगर मार्केट कपलिंग के साथ रियल‑टाइम मार्केट या टर्म‑अहेड मार्केट को भी जोड़ने की बात सामने आती है, तो IEX को अपना पूरा रणनीतिक ढांचा फिर से सोचना पड़ेगा।

3. अन्य एक्सचेंजों की भूमिका:
PXIL, HPX जैसे छोटे एक्सचेंज इस मौके का फायदा उठा सकते हैं। निवेशकों की नज़र अब इन कंपनियों पर भी जा सकती है, जिससे IEX के वॉल्यूम और रेवेन्यू पर असर पड़ सकता है।

निष्कर्ष

24 जुलाई की गिरावट केवल एक दिन की हलचल नहीं थी, बल्कि यह एक बड़ी नीति बदलाव की प्रतिक्रिया थी। CERC की मार्केट कपलिंग नीति ने IEX के एकाधिकार को सीधी चुनौती दी है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि IEX इस बदलाव से कैसे निपटता है।

फिलहाल निवेशकों के लिए यह ज़रूरी है कि वे जल्दबाज़ी में कोई फैसला न लें और कंपनी के आगामी तिमाही नतीजों और नियामकीय घोषणाओं का इंतज़ार करें। लॉन्ग टर्म निवेशक चाहे तो कंपनी की फंडामेंटल मजबूती को ध्यान में रखते हुए रणनीति बना सकते हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव की पूरी संभावना बनी हुई है।

F.A.Q

– IEX के शेयर में 24 जुलाई 2025 को इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?

इसकी मुख्य वजह है CERC द्वारा “मार्केट कपलिंग” की घोषणा। इस नीति के लागू होने से IEX का अब तक का बाजार में दबदबा कम हो सकता है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई और शेयर में भारी बिकवाली हुई।

– मार्केट कपलिंग क्या होता है, और यह IEX को कैसे प्रभावित करता है?

मार्केट कपलिंग एक ऐसी प्रणाली है जिसमें सभी पावर एक्सचेंज मिलकर एक ही कीमत तय करते हैं। अभी तक IEX स्वतंत्र रूप से कीमत तय करता था, लेकिन नए सिस्टम से IEX की खास स्थिति कमजोर हो सकती है।

– क्या IEX अब निवेश के लिए सही स्टॉक नहीं है?

IEX अब भी एक मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनी है, लेकिन शॉर्ट टर्म में इसमें उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेश से पहले कंपनी के तिमाही नतीजों और मार्केट कपलिंग से जुड़े अपडेट पर ध्यान देना ज़रूरी है।

– क्या IEX के शेयर में और गिरावट आ सकती है?

तकनीकी संकेत अभी कमजोर हैं और अगर तिमाही नतीजे भी उम्मीद से कमज़ोर रहे, तो शेयर ₹165 के नीचे भी जा सकता है। इसलिए शॉर्ट टर्म निवेशक सतर्क रहें।

– क्या PXIL और HPX जैसे अन्य पावर एक्सचेंजों को फायदा होगा?

हां, अगर मार्केट कपलिंग लागू होती है, तो छोटे एक्सचेंजों को बराबरी का मौका मिलेगा। इससे उनका वॉल्यूम बढ़ सकता है और वे IEX को चुनौती देने की स्थिति में आ सकते हैं।

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  • Manoj Talukdar

    नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम मनोज तालुकदार है, और मैं लम्बे समय से शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड जैसे निवेश से जुड़े क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रहा हूं। इस दौरान मैंने जो अनुभव और ज्ञान अर्जित किया है, उसे मैं आप सभी के साथ इस वेबसाइट के माध्यम से साझा करना चाहता हूं। मेरा उद्देश्य है कि इस वेबसाइट के जरिए आपको निवेश से जुड़ी सही और उपयोगी जानकारी प्रदान कर सकूं, ताकि आप अपने निवेश निर्णयों को बेहतर बना सकें।

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