Bajaj Finance ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1 FY26) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के प्रदर्शन में मजबूती साफ दिखाई दी—मुनाफा 22% बढ़ा, AUM में 25% की वृद्धि हुई, और नए ग्राहकों की संख्या में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली।
इसके बावजूद, 25 जुलाई को कंपनी का शेयर लगभग 6% गिरकर ₹898.10 तक आ गया। इस लेख में हम समझेंगे कि Bajaj Finance के नतीजे क्या संकेत देते हैं, शेयर में गिरावट क्यों आई, और आगे निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं।

Bajaj Finance के मुनाफा और इनकम दोनों में मजबूत ग्रोथ
Q1 FY26 में Bajaj Finance ने ₹4,765 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹3,912 करोड़ था। यानी सालाना आधार पर करीब 22% की बढ़त। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 22% बढ़कर ₹10,227 करोड़ पहुंच गई। इससे पता चलता है कि कंपनी का कोर बिज़नेस, यानी लोन देने से कमाई, स्थिर गति से बढ़ रही है।
इसके अलावा, कंपनी का कुल रेवेन्यू भी 21% बढ़कर ₹19,524 करोड़ हो गया। इसका सीधा मतलब है कि कंपनी का विस्तार हो रहा है और वह अधिक ग्राहकों को सेवाएं दे रही है।
AUM और ग्राहक संख्या में वृद्धि
Bajaj Finance का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 25% की वृद्धि के साथ ₹4.41 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा बताता है कि कंपनी का कर्ज वितरण काफी तेज़ी से बढ़ा है।
वहीं, नए लोन की संख्या 13.49 मिलियन रही, जो पिछले साल की तुलना में 23% अधिक है। ग्राहक संख्या भी 21% बढ़कर 106.51 मिलियन हो गई है। इसका अर्थ है कि Bajaj Finance लगातार नए ग्राहक जोड़ रही है और उसकी बाजार में पहुंच मजबूत हो रही है।
MSME और गिरवी लोन सेगमेंट में तनाव
जहां कंपनी के नतीजे मजबूत रहे, वहीं कुछ क्षेत्रों में चुनौतियां भी दिखीं। MSME (छोटे और मझोले कारोबार) लोन सेगमेंट में क्रेडिट लागत बढ़ी है, यानी इन क्षेत्रों में डिफॉल्ट का जोखिम बढ़ा है। इसके अलावा, गिरवी लोन में भी हल्का तनाव देखा गया।
हालांकि GNPA 1.03% और Net NPA 0.50% पर आ गया है, जो पिछले साल से थोड़ा बेहतर है, लेकिन इन आंकड़ों के पीछे छिपी चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यही कारण है कि निवेशकों को कंपनी के आगे के जोखिमों को लेकर थोड़ी चिंता हुई है।
Bajaj Finance Share पर दबाव और तकनीकी संकेत
25 जुलाई को Bajaj Finance का शेयर करीब 6% गिरकर ₹898.10 तक आ गया। यह गिरावट तब आई जब कंपनी ने अच्छे नतीजे घोषित किए। इसका कारण यह हो सकता है कि बाजार को इससे भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, या फिर निवेशकों ने पहले से ही अच्छे नतीजों की कीमत को शेयर में शामिल कर लिया था।
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, कंपनी का शेयर फिलहाल अपने 50-Day EMA के पास सपोर्ट लेता नजर आ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर शेयर ₹950 के ऊपर टिकता है, तो ₹1,010 तक की रिकवरी संभव है। लेकिन फिलहाल शेयर दबाव में है।
निष्कर्ष:
Bajaj Finance के Q1 FY26 के नतीजे वित्तीय रूप से मजबूत हैं—मुनाफा, इनकम, ग्राहक संख्या और AUM सभी में अच्छी ग्रोथ दर्ज हुई है। लेकिन MSME लोन में बढ़ता जोखिम और वैल्यूएशन की ऊँचाई के कारण शेयर में गिरावट देखी गई। लॉन्ग टर्म निवेशक इस गिरावट को एक अवसर मान सकते हैं, लेकिन अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना ज़रूरी है।
F.A.Q.
– Q1 FY26 में Bajaj Finance का मुनाफा कितना बढ़ा?
Bajaj Finance का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट Q1 FY26 में 22% बढ़कर ₹4,765 करोड़ हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹3,912 करोड़ था।
– कंपनी के शेयर में गिरावट क्यों आई जब नतीजे अच्छे थे?
शेयर में गिरावट की मुख्य वजह यह रही कि बाजार को उम्मीद से बेहतर नतीजों की आशा थी। साथ ही, MSME लोन सेगमेंट में बढ़ते जोखिम और मुनाफावसूली की वजह से निवेशकों ने शेयर बेचे।
– Bajaj Finance की AUM और ग्राहक वृद्धि कैसी रही?
Q1 FY26 में कंपनी की AUM (Asset Under Management) 25% बढ़कर ₹4.41 लाख करोड़ हो गई। वहीं, ग्राहक संख्या 21% की वृद्धि के साथ 106.51 मिलियन तक पहुंच गई।
– क्या MSME और गिरवी लोन सेगमेंट में जोखिम बढ़ा है?
हाँ, रिपोर्ट के अनुसार MSME लोन सेगमेंट में क्रेडिट लागत बढ़ी है और गिरवी लोन में भी कुछ तनाव देखा गया है, जिससे कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन को लेकर बाजार में चिंता बनी हुई है।
– क्या अभी Bajaj Finance में निवेश करना सही रहेगा?
लॉन्ग टर्म के नजरिए से कंपनी की फंडामेंटल स्थिति मजबूत है। लेकिन अल्पकालिक जोखिम को ध्यान में रखते हुए, निवेश से पहले व्यक्तिगत रिसर्च और जोखिम मूल्यांकन करना ज़रूरी है।
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