देश की जानी-मानी बहुराष्ट्रीय कंपनी ITC ने हाल ही में अपने निवेशकों और शेयर बाजार को एक बड़ा संकेत दिया है। कंपनी ने अगले 5–6 वर्षों के भीतर ₹20,000 करोड़ के निवेश की योजना का ऐलान किया है। यह निवेश खासकर FMCG, पैकेजिंग और वैल्यू-एडेड कृषि उत्पादों में उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित होगा।
यह रणनीति सीधे तौर पर ITC की “Bharat First” सोच से जुड़ी हुई है, जहां कंपनी ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपने ब्रांड को मजबूत करना चाहती है।

ITC का FMCG सेक्टर में बढ़ता फोकस
ITC लंबे समय से FMCG सेक्टर में सिगरेट के अलावा भी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। अब जबकि गैर-सिगरेट FMCG कारोबार की हिस्सेदारी कुल राजस्व का 65% हो चुकी है, यह रणनीति साफ दिखाती है कि कंपनी अब अपनी आमदनी को सिगरेट बिजनेस से हटाकर दूसरे क्षेत्रों में ले जाना चाहती है।
FY26 की पहली तिमाही (Q1) के आंकड़े देखें, तो FMCG कारोबार ने ₹5,498.80 करोड़ का राजस्व दिया, और इस हिस्से का प्री-टैक्स लाभ भी 10.4% बढ़कर ₹479.17 करोड़ हो गया।
कंपनी के चेयरमैन की बातें क्या संकेत देती हैं?
AGM में ITC के चेयरमैन संजीव पुरी ने बताया कि कंपनी पिछले दो वर्षों में पहले ही ₹4,500 करोड़ का निवेश कर चुकी है। यानी यह सिर्फ घोषणा नहीं है—कंपनी लगातार इस दिशा में कदम भी बढ़ा रही है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल ITC Infotech को लेकर कोई डिमर्जर योजना नहीं है, हालांकि भविष्य में इस पर विचार किया जा सकता है। यह बयान थोड़ा संतुलित है, जो बताता है कि कंपनी टेक सेक्टर को लेकर अभी सतर्क है लेकिन संभावनाएं खुली रखी गई हैं।
ITC के Q1 FY26 के आंकड़े: स्थिर लेकिन उम्मीदें कायम
अप्रैल से जून तिमाही के आंकड़ों में ITC ने ₹5,091.59 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही से थोड़ी कम है (‑0.26%)। हालांकि, सकल राजस्व 7.5% बढ़कर ₹20,029.60 करोड़ तक पहुंचा है।
इससे एक बात साफ होती है कि कंपनी के ऊपर लागत और मार्जिन का थोड़ा दबाव जरूर रहा, लेकिन टॉपलाइन यानी बिक्री के स्तर पर ग्रोथ अच्छी बनी रही।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
Geojit Financial के सीनियर एनालिस्ट गौरांग शाह का कहना है कि ITC लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए एक संतुलित विकल्प हो सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि निवेश की समयावधि कम से कम 4–5 वर्ष रखनी चाहिए।
उनका यह भी मानना है कि कंपनी का राजस्व मिश्रण धीरे-धीरे बदल रहा है, और सिगरेट से हटकर FMCG, होटल्स, पेपरबोर्ड और आईटी जैसे क्षेत्रों में संतुलन बन रहा है—जो भविष्य में कंपनी के लिए स्थिरता ला सकता है।
भविष्य की दिशा क्या हो सकती है?
ITC का फोकस अब स्पष्ट है—वह एक बहु-आयामी उपभोक्ता कंपनी बनना चाहती है। कंपनी की पैकेजिंग, कृषि उत्पादों की वैल्यू-एडिशन, और ब्रांड विस्तार की रणनीतियां अगले कुछ वर्षों में इसके मुनाफे पर असर डाल सकती हैं।
इसका मतलब यह नहीं कि हर तिमाही में चौंकाने वाले आंकड़े आएंगे, लेकिन एक स्थिर और ग्रोथ-ओरिएंटेड बिजनेस मॉडल की दिशा में कंपनी बढ़ रही है।
निष्कर्ष
अगर आप एक ऐसे निवेशक हैं जो तेजी से पैसा कमाने की जगह धैर्यपूर्वक अच्छी कंपनियों में निवेश करके लंबी अवधि में लाभ देखना पसंद करते हैं, तो ITC आपके पोर्टफोलियो में शामिल होने लायक हो सकती है।
कंपनी की निवेश रणनीति, विविधता की दिशा में उठाए गए कदम, और FMCG में बढ़ती पकड़ इसे एक स्थिर लॉन्ग-टर्म दांव बनाते हैं।
F.A.Q.
– यह निवेश कितने समय में किया जाएगा?
ITC ने कहा है कि यह निवेश मध्यम अवधि यानी लगभग 5–6 वर्षों में किया जाएगा। कंपनी ने पिछले दो वर्षों में पहले ही ₹4,500 करोड़ का निवेश कर दिया है।
– क्या ITC Infotech का डिमर्जर होगा?
फिलहाल कंपनी की कोई डिमर्जर योजना नहीं है। ITC के चेयरमैन संजीव पुरी ने AGM में कहा कि अभी इसकी जरूरत नहीं, लेकिन भविष्य में इस पर विचार किया जा सकता है।
– क्या यह निवेश ITC के शेयर की कीमत को प्रभावित करेगा?
लंबी अवधि में यह रणनीति कंपनी के राजस्व और लाभ को बढ़ा सकती है, खासकर FMCG सेगमेंट में। यदि योजनाएं सफल होती हैं, तो यह शेयरहोल्डर वैल्यू में सुधार कर सकती है, लेकिन बाजार उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखना जरूरी है।
– क्या अभी ITC में निवेश करना सही रहेगा?
विशेषज्ञों के अनुसार, ITC लॉन्ग-टर्म निवेश के लिए एक स्थिर विकल्प हो सकता है। कंपनी का बिजनेस धीरे-धीरे विविध होता जा रहा है और सिगरेट के अलावा अन्य क्षेत्रों में ग्रोथ दिख रही है। निवेश करने से पहले अपना रिसर्च करें और वित्तीय सलाहकार से बात करें।
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