Tata Motors की अब तक की सबसे बड़ी चाल — 4.5 अरब डॉलर में कौन सी विदेशी कंपनी खरीदी?

Tata Motors ने एक ऐसा कदम उठाया है जो कंपनी के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी विदेशी डील के रूप में सामने आया है। खबर है कि Tata Motors, इटली की प्रमुख ट्रक निर्माता कंपनी Iveco को लगभग 4.5 अरब डॉलर में खरीदने की प्रक्रिया में है। यह सौदा Tata Group की 2007 की Corus डील के बाद सबसे बड़ा अधिग्रहण माना जा रहा है।

इस डील के ज़रिए Tata Motors इटली की इस कमर्शियल व्हीकल निर्माता कंपनी के गैर-रक्षा व्यवसाय (non-defence business) को पूरी तरह से अधिग्रहित करने की योजना बना रहा है। रक्षा विभाग (IDV) को इस समझौते से अलग रखा गया है और उसे या तो अलग से बेचा जाएगा या फिर एक स्वतंत्र इकाई में बदला जाएगा।

tata motors iveco acquisition 2025

कौन है Iveco?

Iveco एक जानी-मानी यूरोपीय कमर्शियल व्हीकल निर्माता कंपनी है, जो ट्रक, बस, डीजल इंजन और स्पेशल टाइप के वाहनों का निर्माण करती है। इसका मुख्यालय इटली में है और यह कई देशों में फैली हुई है। Iveco के पास यूरोप और लैटिन अमेरिका जैसे विकसित बाजारों में अच्छी खासी पकड़ है। Tata Motors के लिए यह सौदा खास इसलिए भी है क्योंकि यह उसे वैश्विक बाजार में और गहराई से प्रवेश करने का मौका देगा।

Tata Motors की सौदे की स्थिति और रणनीतिक महत्व

यह डील Tata Motors के लिए कई मायनों में रणनीतिक है। एक तरफ इससे Tata की कमर्शियल व्हीकल पोर्टफोलियो मजबूत होगी, वहीं दूसरी ओर कंपनी को यूरोपीय बाजार में एक मजबूत पकड़ भी मिलेगी। खास बात यह है कि इस अधिग्रहण के ज़रिए Tata Motors को Iveco के ट्रक, बस, पॉवरट्रेन और स्पेशल व्हीकल डिवीज़न मिलेंगे, जिससे टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग दोनों क्षेत्रों में उसका विस्तार होगा।

Agnelli परिवार के पास Exor नामक होल्डिंग कंपनी के ज़रिए Iveco में 27.1% हिस्सेदारी और 43% वोटिंग पावर है। Tata Motors का यह अधिग्रहण इसी Exor से होने की संभावना है। इससे Tata को न सिर्फ व्यवसाय बल्कि बोर्ड स्तर पर भी मजबूत स्थिति मिलेगी।

इटली सरकार की भूमिका

क्योंकि Iveco इटली की एक प्रमुख कमर्शियल व्हीकल कंपनी है, इसलिए इटली सरकार भी इस सौदे को काफी नजदीकी से देख रही है। वहां के उद्योग मंत्री Adolfo Urso ने बताया है कि सरकार सौदे के प्रभाव, खासकर कर्मचारियों और राष्ट्रीय रणनीतिक हितों पर, गंभीरता से नजर बनाए हुए है। यही कारण है कि सौदे को लेकर सरकार की सहमति एक जरूरी कदम हो सकती है।

Tata Motors के शेयर पर असर

इस बड़ी खबर के बाद Tata Motors के शेयरों में हलचल देखी गई। NSE और BSE पर कंपनी के शेयर ₹665 से ₹692 के बीच झूलते रहे और दिन के अंत में लगभग ₹665.45 पर बंद हुए, जो लगभग 3.8% की गिरावट है।

शेयर बाजार में यह गिरावट निवेशकों की चिंता को दर्शाती है कि इतना बड़ा अधिग्रहण कंपनी की मौजूदा बैलेंस शीट और नकदी प्रवाह (cash flow) पर असर डाल सकता है।

शेयर, जो 30 जुलाई 2024 को ₹1179 के उच्चतम स्तर पर थे, अब लगभग 42% नीचे हैं। इससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है।

Tata Motors के वित्तीय प्रदर्शन और हाल की गतिविधियाँ

मार्च 2025 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में Tata Motors ने ₹69,419 करोड़ की स्टैंडअलोन बिक्री दर्ज की, जिसमें से ₹8,011 करोड़ का ऑपरेटिंग प्रॉफिट हुआ। कंपनी का ट्रेलिंग ट zwölf मंथ (TTM) EPS ₹14.82 और P/E रेशियो करीब 10-11 के बीच रहा।

हाल ही में Tata Motors ने अपने व्यवसाय को दो हिस्सों में बाँटने (डिमर्जर) की योजना की भी घोषणा की थी — एक हिस्सा कमर्शियल व्हीकल पर केंद्रित होगा और दूसरा पैसेंजर व इलेक्ट्रिक वाहन तथा JLR पर।

निष्कर्ष

Iveco के अधिग्रहण की यह योजना Tata Motors के लिए एक बड़ा वैश्विक कदम हो सकता है, खासकर कमर्शियल व्हीकल क्षेत्र में अपनी पकड़ और टेक्नोलॉजी को मजबूत करने की दिशा में। हालांकि, निवेशकों के लिए यह चिंता का विषय भी बन गया है कि इतनी बड़ी डील से कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति पर क्या असर पड़ेगा।

Tata Motors को अब यह सावधानी से तय करना होगा कि वह इस अधिग्रहण को किस तरीके से आगे बढ़ाता है और इसे अपने मौजूदा ढांचे में कैसे एकीकृत करता है।

आने वाले महीनों में, यह देखना दिलचस्प होगा कि इस डील से Tata Motors को कितना फायदा होता है — और निवेशकों का भरोसा वापस कैसे लौटता है।

F.A.Q.

– Tata Motors ने किस कंपनी को खरीदा है और कितने में?

Tata Motors ने इटली की ट्रक निर्माता कंपनी Iveco को लगभग 4.5 अरब डॉलर (करीब ₹37,000 करोड़) में खरीदने का समझौता किया है। यह कंपनी के इतिहास की सबसे बड़ी विदेशी डील है।

– क्या इस डील में Iveco का पूरा बिज़नेस शामिल है?

नहीं, इस डील में सिर्फ Iveco का कमर्शियल व्हीकल (non-defence) बिज़नेस शामिल है। Iveco का डिफेंस सेक्टर (IDV) इस सौदे से अलग रखा गया है।

– Tata Motors को इस सौदे से क्या फायदा होगा?

इस सौदे से Tata Motors को यूरोप और लैटिन अमेरिका जैसे विकसित बाजारों में मजबूत पकड़ मिलेगी, साथ ही उसका कमर्शियल व्हीकल पोर्टफोलियो और तकनीकी क्षमता भी बढ़ेगी।

Also read:-

Author Box
  • Manoj Talukdar

    नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम मनोज तालुकदार है, और मैं लम्बे समय से शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड जैसे निवेश से जुड़े क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रहा हूं। इस दौरान मैंने जो अनुभव और ज्ञान अर्जित किया है, उसे मैं आप सभी के साथ इस वेबसाइट के माध्यम से साझा करना चाहता हूं। मेरा उद्देश्य है कि इस वेबसाइट के जरिए आपको निवेश से जुड़ी सही और उपयोगी जानकारी प्रदान कर सकूं, ताकि आप अपने निवेश निर्णयों को बेहतर बना सकें।

Leave a Comment

Join Our WhatsApp Group!