31 जुलाई 2025 को महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) के शेयरों में थोड़ी कमजोरी देखने को मिली। BSE पर कंपनी का शेयर दिन के दौरान ₹3,152 तक गिर गया, जो पिछले दिन की तुलना में लगभग 1.7% की गिरावट थी। देखने में यह गिरावट कुछ लोगों को चौंकाने वाली लग सकती है, क्योंकि कंपनी ने हाल ही में अपने अप्रैल–जून तिमाही (Q1 FY26) के नतीजे जारी किए थे, जो कि काफी मजबूत रहे। फिर सवाल उठता है कि शेयर क्यों गिरा?
असल में, इस गिरावट की वजह कंपनी का प्रदर्शन नहीं, बल्कि बाजार की समग्र भावना थी। जब बाजार में हल्की कमजोरी होती है, तो कई बार अच्छी खबरों का भी वैसा असर नहीं दिखता जैसा अपेक्षित होता है।

M&M के Q1 FY26 नतीजे: मजबूत परफॉर्मेंस की झलक
महिंद्रा एंड महिंद्रा का अप्रैल–जून तिमाही का प्रदर्शन कई मोर्चों पर बेहतर रहा। आइए नजर डालते हैं आंकड़ों पर:
Standalone प्रदर्शन
- नेट प्रॉफिट: ₹3,450 करोड़ रहा, जो कि पिछले साल की तुलना में 32% की बढ़ोतरी है।
- ऑपरेटिंग रेवेन्यू: ₹34,143 करोड़, 26% सालाना वृद्धि।
- EBITDA: ₹4,795 करोड़, 17% की वृद्धि, हालांकि मार्जिन 15.2% से घटकर 14.0% पर आया।
SUV सेगमेंट में कंपनी का दबदबा बढ़ा है। मार्केट शेयर 23.5% से बढ़कर 27.3% हो गया, यानी 570 बेसिस पॉइंट की छलांग। इसी तरह ट्रैक्टर मार्केट में कंपनी की हिस्सेदारी 45.2% रही, जबकि हल्के कमर्शियल वाहनों (LCV < 3.5T) में इसका मार्केट शेयर 54.2% तक पहुंच गया।
Auto segment का PBIT margin 10% रहा, जो कि 50 bps की वृद्धि है। ट्रैक्टर बिज़नेस का PBIT margin लगभग 20.7% रहा, जो साल-दर-साल 100 bps की बढ़त दर्शाता है।
Consolidated परफॉर्मेंस
- PAT (शुद्ध लाभ): ₹4,083 करोड़, जो कि 24% YoY ग्रोथ है।
- Revenue: ₹45,529 करोड़, 22–23% की सालाना वृद्धि।
Auto, Farm और Services — सभी मुख्य बिज़नेस वर्टिकल्स ने समेकित विकास में योगदान दिया है।
बाजार की प्रतिक्रिया: नतीजे अच्छे, फिर भी शेयर नीचे क्यों?
नतीजे आने के बाद भी शेयर में लगभग 2% की गिरावट आई। यह दर्शाता है कि बाजार ने पहले ही कुछ उम्मीदों को प्राइस कर लिया था। यानी निवेशकों को पहले से ही अच्छे नतीजों की उम्मीद थी, और इसलिए actual रिजल्ट आने के बाद भी उत्साह वैसा नहीं रहा।
M&M शेयर पर ब्रोकरेज फर्म्स की राय
कई ब्रोकरेज हाउसेज़ ने कंपनी पर भरोसा जताया है और “Buy” रेटिंग बरकरार रखी है:
- Morgan Stanley: टारगेट प्राइस ₹3,668 रखा है, जो मौजूदा स्तर से करीब 14% ऊपर है।
- Jefferies: ₹4,000 का लक्ष्य दिया है। उन्होंने SUV और ट्रैक्टर सेगमेंट की मजबूत मांग पर जोर दिया है।
- Nuvama: ₹3,700 का टारगेट दिया और कहा कि Auto और Farm दोनों क्षेत्रों में अच्छी वृद्धि की संभावना है।
- Avendus: टारगेट ₹3,650 रखा, और EV (Electric Vehicle) बिज़नेस में कंपनी की संभावनाओं को उजागर किया।
निष्कर्ष: क्या M&M में निवेश का मौका है?
M&M ने Q1FY26 में मजबूत नतीजे पेश किए हैं — खासतौर पर Auto और Farm सेगमेंट में। SUV और ट्रैक्टर दोनों में मार्केट शेयर बढ़ा है, और मुनाफे में भी सालाना अच्छा सुधार दिखा है। कंपनी की EV रणनीति भी धीरे-धीरे आकार ले रही है।
शेयर की हालिया गिरावट सिर्फ बाजार की धारणा से जुड़ी थी, न कि कंपनी के प्रदर्शन से। इस लिहाज से देखा जाए, तो यह गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक मौका हो सकती है।
अगर आप M&M के EV भविष्य और SUV सेगमेंट की ग्रोथ पर भरोसा करते हैं, और थोड़े बहुत बाजार उतार-चढ़ाव को सहने का धैर्य रखते हैं, तो यह शेयर “Buy” या “Hold” की श्रेणी में आ सकता है।
ब्रोकरेज हाउसेज़ द्वारा दिए गए ₹3,600 से ₹4,000 के टारगेट यह दिखाते हैं कि आगे भी शेयर में ग्रोथ की संभावना मौजूद है। हालांकि, किसी भी निवेश से पहले अपने रिस्क प्रोफाइल और वित्तीय सलाहकार से चर्चा ज़रूर करें।
F.A.Q.
– M&M के शेयर 31 जुलाई 2025 को क्यों गिरे जबकि नतीजे अच्छे थे?
शेयर में गिरावट का कारण बाजार की समग्र कमजोरी रही, न कि कंपनी का प्रदर्शन। निवेशकों ने पहले से अच्छे नतीजों की उम्मीद लगा रखी थी, जिससे नतीजे आने के बाद शेयर में हल्की गिरावट देखने को मिली।
– क्या M&M का Q1FY26 प्रदर्शन मजबूत रहा?
हां, कंपनी ने ₹3,450 करोड़ का नेट प्रॉफिट और ₹34,143 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। SUV और ट्रैक्टर दोनों सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ रही है।
– क्या M&M का EV (Electric Vehicle) बिज़नेस भविष्य में फायदेमंद हो सकता है?
हां, कंपनी BE 6 और XEV 9e जैसे EV प्लेटफॉर्म्स पर काम कर रही है। ब्रोकरेज हाउसेज़ भी EV डिवीजन को लेकर आशावादी हैं।
– ब्रोकरेज फर्म्स M&M शेयर को लेकर क्या राय दे रही हैं?
Morgan Stanley, Jefferies, Nuvama जैसी फर्म्स ने “Buy” रेटिंग दी है और ₹3,600–₹4,000 के टारगेट प्राइस सुझाए हैं।
– क्या अभी M&M के शेयर में निवेश करना चाहिए?
अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं और Auto व EV सेक्टर में भरोसा रखते हैं, तो यह “Buy” या “Hold” का अवसर हो सकता है। हालिया गिरावट को एक एंट्री पॉइंट माना जा सकता है।
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