Suzlon Energy Share ₹86 से ₹64 पर! क्या अब ₹82 की उड़ान शुरू होने वाली है?

अगर आप भी उन निवेशकों में हैं जिन्होंने नवंबर–दिसंबर 2024 में सुजलॉन एनर्जी के 52-सप्ताह के उच्च स्तर ₹86.04 को देखा था, तो आपने हाल की गिरावट भी जरूर नोट की होगी। अब, 1 अगस्त 2025 की शुरुआत में यह शेयर ₹64.53–₹64.78 के दायरे में कारोबार करता नजर आया, जो पिछले दिन के बंद ₹61.60 से लगभग 4.8% की तेजी दर्शाता है।

suzlon energy share price update august 2025

Suzlon Energy Share के हाल का प्रदर्शन: ऊपर-नीचे की चाल

अगर हम पिछले कुछ महीनों की बात करें, तो सुजलॉन के शेयर ने तीन महीने में करीब 14.4% की बढ़त दी है। छह महीने का आंकड़ा देखें तो लगभग 11% का मुनाफा निवेशकों को मिला है। हालांकि, एक साल की अवधि में देखें तो इसमें करीब 5% की गिरावट दर्ज की गई है।

तीन साल पहले जो निवेशकों ने इस स्टॉक में भरोसा जताया था, उन्हें आज भी 800% से ज्यादा का रिटर्न मिल चुका है। उस लिहाज से देखें तो कंपनी ने लंबी अवधि के निवेशकों को निराश नहीं किया है।

लेकिन फिलहाल स्टॉक में तेजी से ऊपर भागने की बजाय एक स्थिरीकरण (consolidation) देखने को मिल रहा है। यानी न तो कोई बड़ी गिरावट हो रही है और न ही कोई जबरदस्त उछाल।

विश्लेषकों की राय: Suzlon Energy Share ₹82 तक की संभावना?

Motilal Oswal जैसी ब्रोकरेज फर्म ने सुजलॉन एनर्जी के लिए ₹82 का लक्ष्य मूल्य तय किया है। इसका आधार कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक, बेहतर EPC संचालन और स्थानीय निर्माण को बढ़ावा देने वाली सरकारी नीतियां हैं।

अगर कंपनी इन मोर्चों पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करती है, तो मौजूदा कीमतों से देखा जाए तो इसमें लगभग 25% का अपसाइड दिखता है।

आगे क्या हो सकते हैं ट्रिगर?

विशेषज्ञ मानते हैं कि कुछ खास कारक इस स्टॉक को फिर से रफ्तार पकड़ने में मदद कर सकते हैं:

  1. सरकारी नीतियों का समर्थन: गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में स्थानीय निर्माण को प्राथमिकता मिलने से सुजलॉन को फायदा मिल सकता है।
  2. मजबूत ऑर्डर बुक: कंपनी के पास पहले से ही काफी ऑर्डर्स हैं, जिससे आने वाले समय में राजस्व की स्थिति स्पष्ट बनी रहेगी।
  3. EPC प्रोजेक्ट्स का बेहतर निष्पादन: ज़मीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में सुधार और प्रोजेक्ट समय पर पूरे करना कंपनी की साख को मजबूत बना सकता है।
  4. कम होता कर्ज: कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार और कर्ज का स्तर नियंत्रण में रहना, निवेशकों के लिए एक पॉजिटिव संकेत है।
  5. नए ऑर्डर: हाल ही में कंपनी को राजस्थान में 402 मेगावाट का बड़ा प्रोजेक्ट मिला है, जिससे भविष्य में आमदनी बढ़ सकती है।
  6. वित्तीय प्रदर्शन में निरंतर सुधार: कंपनी का ROE करीब 33–41% और ROCE भी अच्छा बताया जा रहा है, जिससे यह शेयर वित्तीय रूप से मजबूत दिखता है।

निष्कर्ष: निवेशकों को किस बात का ध्यान रखना चाहिए?

सुजलॉन एनर्जी ने बीते वर्षों में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है और लंबे समय के निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिला है। लेकिन फिलहाल यह शेयर एक स्थिर स्थिति में है। इसका मतलब यह नहीं कि भविष्य में इसमें कोई उछाल नहीं आएगा, लेकिन उसके लिए कुछ ठोस ट्रिगर की ज़रूरत है—जैसे नए ऑर्डर्स, नीतिगत समर्थन या मजबूत तिमाही नतीजे।

Motilal Oswal जैसे संस्थान ₹82 का लक्ष्य दे रहे हैं, जो मौजूदा कीमत से लगभग 25% ऊपर है। ऐसे में जिन निवेशकों का नजरिया मध्यम से लंबी अवधि का है, वे इस स्टॉक को नज़र में रख सकते हैं।

हालांकि, किसी भी निवेश से पहले बाजार जोखिम को समझना जरूरी है। सुजलॉन जैसे स्टॉक्स में वोलैटिलिटी ज्यादा हो सकती है, इसलिए निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो और जोखिम सहनशीलता के हिसाब से ही फैसला लेना चाहिए।

F.A.Q.

– सुजलॉन एनर्जी का शेयर अभी क्यों गिर रहा है?

शेयर में हाल ही में गिरावट मुख्यतः प्रॉफिट बुकिंग और कंसॉलिडेशन की वजह से देखी गई है। नवंबर–दिसंबर 2024 में यह ₹86 के आसपास पहुंचा था, जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफा निकाला। इसके अलावा, कोई नया बड़ा ट्रिगर भी फिलहाल नहीं आया है।

– क्या अभी सुजलॉन एनर्जी में निवेश करना सही रहेगा?

अगर आपका नजरिया मध्यम या लंबी अवधि का है, तो मौजूदा दाम (₹64–₹65) पर निवेश पर विचार किया जा सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि शेयर ₹82 तक जा सकता है, लेकिन निवेश से पहले कंपनी के ताजा तिमाही नतीजे और ऑर्डर बुक पर नजर जरूर रखें।

– सुजलॉन एनर्जी का टारगेट प्राइस क्या है?

Motilal Oswal जैसी ब्रोकरेज फर्म ने इसका टारगेट प्राइस ₹82 रखा है, जो कि मौजूदा प्राइस से करीब 25% ऊपर है। यह अनुमान कंपनी की वित्तीय स्थिति, ऑर्डर बुक और EPC प्रोजेक्ट्स के बेहतर निष्पादन पर आधारित है।

– सुजलॉन एनर्जी में रिस्क कितना है?

सुजलॉन एनर्जी एक वोलैटाइल शेयर माना जाता है। इसमें उतार-चढ़ाव ज्यादा देखने को मिलते हैं, खासकर शॉर्ट टर्म में। अगर आप लॉन्ग टर्म निवेशक हैं और रिस्क झेल सकते हैं, तभी इसमें निवेश करने की सलाह दी जाती है।

– सुजलॉन एनर्जी के प्रमोटर की हिस्सेदारी कितनी है?

1 अगस्त 2025 तक कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी लगभग 11.7% है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि कंपनी में प्रवर्तकों की पकड़ कम है, लेकिन फंडामेंटल्स मजबूत हैं।

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  • Manoj Talukdar

    नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम मनोज तालुकदार है, और मैं लम्बे समय से शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड जैसे निवेश से जुड़े क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रहा हूं। इस दौरान मैंने जो अनुभव और ज्ञान अर्जित किया है, उसे मैं आप सभी के साथ इस वेबसाइट के माध्यम से साझा करना चाहता हूं। मेरा उद्देश्य है कि इस वेबसाइट के जरिए आपको निवेश से जुड़ी सही और उपयोगी जानकारी प्रदान कर सकूं, ताकि आप अपने निवेश निर्णयों को बेहतर बना सकें।

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