नेशनल सिक्योरिटीज़ डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) का IPO जुलाई के अंत में खुला और 1 अगस्त 2025 को बंद हुआ। करीब ₹4,012 करोड़ के इस इश्यू को सिर्फ तीन दिनों में जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। IPO पूरी तरह Offer for Sale (OFS) था, यानी इसमें कंपनी को कोई नई पूंजी नहीं मिलने वाली थी, लेकिन फिर भी यह इश्यू 41 गुना से ज़्यादा सब्सक्राइब हुआ।
NSDL भारत की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी डिपॉजिटरी है, जिसकी बाजार में मजबूत पकड़ है। इसी वजह से निवेशकों की इसमें काफी दिलचस्पी रही। इस लेख में हम इस IPO के आंकड़ों, ग्रे मार्केट प्रीमियम, कंपनी के फंडामेंटल्स और जोखिमों पर बात करेंगे।

NSDL IPO के आँकड़े और तीन दिन का सब्सक्रिप्शन ट्रेंड
NSDL का IPO 30 जुलाई 2025 को खुला और 1 अगस्त को बंद हुआ। इश्यू का प्राइस बैंड ₹760–₹800 प्रति शेयर रखा गया था, और न्यूनतम आवेदन 18 शेयरों का था, जिसकी शुरुआती लागत ₹14,400 थी। कुल इश्यू साइज़ ₹4,011.6 करोड़ का था और ये पूरा इश्यू भारत के मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ऑफर किया गया था।
तीनों दिन का सब्सक्रिप्शन कुछ इस तरह रहा:
- पहला दिन (30 जुलाई): लगभग 1.78 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसमें ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹135 के आस-पास रिपोर्ट किया गया।
- दूसरा दिन (31 जुलाई): कुल सब्सक्रिप्शन 5.03x रहा। इसमें रिटेल 4.17x, NII 11.08x और QIB 1.96x था।
- तीसरा दिन (1 अगस्त): इश्यू ने कुल मिलाकर 41.01 गुना सब्सक्रिप्शन हासिल किया। QIB में सबसे अधिक 103.97x, NII में 34.98x और रिटेल में 7.73x तक की बुकिंग हुई।
ये आँकड़े बताते हैं कि निवेशकों ने NSDL पर भरोसा जताया है, खासकर लंबी अवधि के दृष्टिकोण से।
GMP और लिस्टिंग गेन की उम्मीद
IPO से पहले और इसके दौरान NSDL के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹134–₹138 के बीच देखा गया। इसका मतलब था कि लिस्टिंग के दिन शेयर ₹935–945 के आस-पास खुल सकते हैं, जो कि इश्यू प्राइस से लगभग 16–17% ऊपर होता।
1 अगस्त की शाम तक GMP ₹134–135 बना रहा, जिससे यह उम्मीद बनी रही कि लिस्टिंग गेन अच्छा मिल सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि GMP अनऑफिशियल होता है और लिस्टिंग के दिन बाजार की चाल पर निर्भर करता है।
NSDL का कारोबार और फाइनेंशियल स्थिति
NSDL भारत की सबसे पुरानी डिपॉजिटरी है और इसका मार्केट शेयर लगभग 86% है। मार्च 2025 तक इसके पास 192.4 मिलियन डिमैट अकाउंट्स थे। यह संख्या हर साल करीब 21.9% की दर से बढ़ रही है, जो इसकी मजबूती को दर्शाता है।
FY25 में कंपनी का प्रदर्शन:
- राजस्व: ₹1,420–1,535 करोड़
- मुनाफा: ₹343 करोड़ (YoY ग्रोथ ~25%)
- EBITDA Margin: 34–36%
- ROE: लगभग 17%
अगर वैल्यूएशन की बात करें, तो NSDL का IPO P/E रेश्यो लगभग 46.6x था, जबकि CDSL का P/E 60–66x के बीच है। यानी NSDL तुलनात्मक रूप से सस्ती वैल्यूएशन पर उपलब्ध थी।
जोखिम और निवेशकों के लिए विचारणीय बातें
NSDL IPO पूरी तरह Offer for Sale था, इसका मतलब यह है कि कंपनी को इससे कोई नई पूंजी नहीं मिली। यानी इसमें ग्रोथ के लिए नया कैपिटल नहीं आया। इसके अलावा कुछ जोखिम भी हैं:
- रेगुलेटरी जोखिम: पुराने Karvy मामले के चलते NSDL पर SEBI की नज़र रहती है।
- सीधा मुकाबला: CDSL जैसी कंपनी तेजी से रिटेल मार्केट में आगे बढ़ रही है, जिससे प्रतिस्पर्धा कड़ी हो सकती है।
- Pre-IPO निवेशकों का नुकसान: कई निवेशकों ने पहले ₹1,200-1,275 की वैल्यूएशन पर निवेश किया था, और अब IPO की कीमत ₹760–₹800 है — जिससे उन्हें नुकसान हुआ है।
हालांकि, इन सबके बावजूद ज़्यादातर ब्रोकरेज फर्मों ने NSDL IPO को “Subscribe for Long-Term” की रेटिंग दी है, क्योंकि कंपनी का बिज़नेस मॉडल स्थिर है और इसमें एन्युइटी-जैसा रेवन्यू स्ट्रीम है।
निष्कर्ष
NSDL IPO ने तीन दिनों में जबरदस्त सब्सक्रिप्शन बुक किया और GMP भी मजबूत बना रहा। कंपनी की वित्तीय स्थिति और बाजार में पकड़ इसे एक मजबूत उम्मीदवार बनाती है, खासकर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए।
अगर आप लॉन्ग टर्म निवेश सोच रहे हैं और एक स्थिर, रेगुलेटेड, और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनी में पैसा लगाना चाहते हैं — तो NSDL IPO एक अच्छा विकल्प हो सकता है। लेकिन जैसा कि हमेशा कहा जाता है, किसी भी निवेश से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें।
F.A.Q.
– NSDL क्या करती है और इसका कारोबार क्या है?
NSDL (National Securities Depository Limited) भारत की पहली और सबसे बड़ी डिपॉजिटरी है जो निवेशकों के डिमैट अकाउंट्स और सिक्योरिटीज़ को डिजिटल फॉर्म में सुरक्षित रखती है। यह शेयर ट्रांजेक्शंस को आसान और पेपरलेस बनाती है।
– NSDL का IPO किस तरह का था और इसमें कंपनी को फंड मिला या नहीं?
NSDL का IPO पूरी तरह Offer for Sale (OFS) था, जिसमें मौजूदा शेयरहोल्डर्स ने अपने शेयर बेचे। इस वजह से कंपनी को इससे कोई नया फंड नहीं मिला। IPO का उद्देश्य शेयरधारकों का आंशिक एग्जिट था।
– क्या NSDL IPO में listing gain की उम्मीद है?
IPO के दौरान NSDL का Grey Market Premium (GMP) ₹134–135 तक रहा, जिससे अनुमान लगाया गया कि लिस्टिंग प्राइस ₹935–945 के बीच हो सकती है। यानी ₹760–800 के इश्यू प्राइस पर खरीदे शेयरों पर 16–17% तक लिस्टिंग गेन संभव है।
– CDSL और NSDL में क्या फर्क है? निवेश के लिहाज़ से कौन बेहतर है?
CDSL और NSDL दोनों डिपॉजिटरी हैं। NSDL बड़ी और पुरानी है जबकि CDSL रिटेल सेगमेंट में ज्यादा एक्टिव है। CDSL का P/E रेश्यो अधिक है, जिससे NSDL की वैल्यूएशन तुलनात्मक रूप से सस्ती मानी जा रही है। लॉन्ग टर्म निवेश के हिसाब से NSDL एक स्थिर विकल्प हो सकता है।
– क्या NSDL IPO में रिटेल निवेशकों के लिए allotment की संभावना थी?
तीसरे दिन तक रिटेल कैटेगरी में 7.73 गुना सब्सक्रिप्शन हुआ था, जिससे allotment मिलना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। allotment की स्थिति 4 अगस्त तक आएगी, और अगर allotment नहीं मिला तो पैसे 5 अगस्त तक रिफंड हो जाएंगे।
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