2026 की शुरुआत में InfoBeans Technologies Limited ने अपने शेयरधारकों के लिए एक अहम कॉर्पोरेट फैसला लिया है। कंपनी के बोर्ड ने 3:1 बोनस शेयर इश्यू को मंजूरी दे दी है। इसका सीधा मतलब है कि अगर किसी निवेशक के पास कंपनी का 1 शेयर है, तो उसे 3 अतिरिक्त बोनस शेयर मिलेंगे। यानी कुल मिलाकर अब उसके पास 4 शेयर हो जाएंगे।
बोनस इश्यू कोई रोज़ होने वाली घटना नहीं होती। आमतौर पर कंपनियां तभी बोनस शेयर देती हैं, जब उनकी बैलेंस शीट मजबूत हो और रिज़र्व्स पर्याप्त हों। इसमें निवेशक को कोई अतिरिक्त पैसा नहीं लगाना पड़ता, बल्कि कंपनी अपने रिज़र्व से नए शेयर जारी करती है। इन्फोबीन्स के इस बोनस इश्यू के लिए रिकॉर्ड डेट 27 फरवरी 2026 तय की गई है। इस तारीख तक जिन निवेशकों के नाम शेयर होंगे, वही बोनस के पात्र माने जाएंगे।

InfoBeans Technologies शेयर प्राइस का रुझान और बोनस का कनेक्शन
अगर पिछले कुछ महीनों के शेयर प्राइस ट्रेंड को देखें, तो इन्फोबीन्स लगातार चर्चा में रहा है। 2025 की शुरुआत से जनवरी 2026 तक शेयर में तेज़ मूवमेंट देखने को मिला। लगभग 9 महीनों के भीतर शेयर ने करीब 165% की बढ़त दिखाई है।
ऐसी तेजी आमतौर पर तब आती है, जब कंपनी के बिजनेस में सुधार दिखता है या भविष्य को लेकर उम्मीदें बनती हैं। इसमें अच्छे तिमाही नतीजे, नए क्लाइंट्स, ऑर्डर बुक की स्थिति या फिर बोनस जैसे कॉर्पोरेट एक्शन भी भूमिका निभाते हैं। इन्फोबीन्स के मामले में बोनस इश्यू के साथ-साथ Q3 FY26 के नतीजे भी सामने आए, जिसने निवेशकों का ध्यान और बढ़ा दिया।
Q3 FY26 में कंपनी का प्रदर्शन
दिसंबर 2025 तिमाही यानी Q3 FY26 में कंपनी के नतीजे साल-दर-साल आधार पर बेहतर रहे हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) करीब 173% बढ़कर लगभग ₹19 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा करीब ₹7 करोड़ के आसपास था।
राजस्व की बात करें, तो इसमें भी लगभग 38% की बढ़त दर्ज की गई है। Q3 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू करीब ₹138 करोड़ रहा। EBITDA में भी सुधार देखने को मिला, जिससे यह संकेत मिलता है कि ऑपरेशनल स्तर पर कंपनी की स्थिति मजबूत हुई है।
हालांकि, कुछ निवेशक यह भी नोट कर रहे हैं कि तिमाही-दर-तिमाही यानी QoQ आधार पर मुनाफे में थोड़ी नरमी दिख सकती है। ऐसे में तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं है, लेकिन सालाना आधार पर नतीजे सकारात्मक माने जा सकते हैं।
बोनस शेयर से निवेशक को क्या फायदा होता है?
यह समझना ज़रूरी है कि बोनस शेयर मिलने से निवेश की कुल वैल्यू तुरंत नहीं बढ़ती। मान लीजिए किसी निवेशक के पास 100 शेयर हैं और कंपनी 3:1 बोनस देती है। ऐसे में उसे 300 नए शेयर मिलेंगे और कुल शेयर 400 हो जाएंगे। लेकिन एक्स-बोनस डेट के बाद शेयर की कीमत उसी अनुपात में एडजस्ट हो जाती है।
यानी शेयर की संख्या बढ़ती है, लेकिन कुल निवेश मूल्य लगभग वही रहता है। फिर भी, बोनस इश्यू को बाजार में अक्सर एक सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जाता है। इसका मतलब होता है कि कंपनी को अपने भविष्य और कैश फ्लो पर भरोसा है।
शेयर बाजार की प्रतिक्रिया कैसी रही?
बोनस इश्यू और Q3 नतीजों की घोषणा के बाद शेयर बाजार ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। ट्रेडिंग के दौरान इन्फोबीन्स का शेयर 920 रुपये के आसपास भी देखा गया। हालांकि, इसमें बहुत तेज़ उतार-चढ़ाव नहीं रहा, बल्कि एक सीमित दायरे में मूवमेंट दिखाई दी।
यह भी ध्यान रखना ज़रूरी है कि शेयर प्राइस सिर्फ बोनस पर निर्भर नहीं करता। ग्लोबल बाजार का माहौल, आईटी सेक्टर का रुझान, टेक्निकल लेवल्स और निवेशकों की धारणा—ये सभी चीजें मिलकर प्राइस को प्रभावित करती हैं। इसलिए आने वाले दिनों में शेयर की चाल बदल भी सकती है।
निवेशक किन बातों पर ध्यान दें?
अगर आप इन्फोबीन्स में निवेशक हैं या नई पोजीशन लेने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ बोनस की खबर के आधार पर फैसला लेना सही नहीं होगा। कुछ जरूरी बातें ध्यान में रखें:
- बोनस शेयर से वैल्यू नहीं, सिर्फ शेयरों की संख्या बढ़ती है
- कंपनी के नतीजे YoY आधार पर बेहतर हैं, लेकिन QoQ ट्रेंड भी देखना जरूरी है
- रिकॉर्ड डेट और एक्स-बोनस डेट के आसपास वोलैटिलिटी बढ़ सकती है
- अपने निवेश का लक्ष्य और जोखिम क्षमता समझकर ही कदम उठाएं
Conclusion
इंफोबीन्स टेक्नोलॉजीज़ ने 3:1 बोनस शेयर इश्यू का ऐलान किया है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 27 फरवरी 2026 है। इसके साथ कंपनी के Q3 FY26 नतीजे भी साल-दर-साल बेहतर नजर आते हैं। यही वजह है कि शेयर बाजार में यह स्टॉक फिर से चर्चा में आ गया है।
फिर भी, शेयर बाजार में किसी एक खबर के आधार पर फैसला लेना हमेशा जोखिम भरा होता है। बेहतर यही है कि कंपनी के फंडामेंटल, बिजनेस मॉडल और लंबी अवधि की संभावनाओं को समझकर ही निवेश किया जाए। आने वाले हफ्तों में एक्स-बोनस और बाजार की दिशा यह साफ करेगी कि इन्फोबीन्स का अगला कदम किस ओर जाता है।
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