Adani Power Limited ने 1 अगस्त 2025 को होने वाली अपनी अगली बोर्ड बैठक का एलान किया है, जिसमें एक अहम प्रस्ताव पर विचार होगा — कंपनी के ₹10 फेस वैल्यू वाले इक्विटी शेयरों को स्टॉक स्प्लिट यानी छोटे हिस्सों में बाँटने का विचार।
जैसे ही यह खबर सामने आई, कंपनी के शेयरों में करीब 3 से 4 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली। निवेशकों में उत्साह है, खासकर छोटे निवेशकों के बीच, जो अब इन शेयरों को सस्ते दाम में खरीदने की संभावना देख रहे हैं।

Adani Power शेयर में तेजी क्यों आई?
जैसे ही यह जानकारी सामने आई कि Adani Power अपने शेयरों को स्टॉक स्प्लिट करने पर विचार कर रही है, बाजार ने तेजी से प्रतिक्रिया दी। BSE और NSE पर शेयरों की कीमत ₹583 से बढ़कर ₹594 तक पहुँच गई। निवेशकों का मानना है कि स्टॉक स्प्लिट के बाद शेयर की कीमत घटती है, जिससे नए और छोटे निवेशकों के लिए उसमें निवेश करना आसान हो जाता है।
लाइवमिंट की रिपोर्ट के अनुसार, स्टॉक स्प्लिट की खबर के तुरंत बाद शेयरों में लगभग 3% की बढ़त आई। इसका मतलब है कि बाजार को इस खबर से सकारात्मक संकेत मिले हैं।
Adani Power स्टॉक स्प्लिट का मतलब और इसका असर
स्टॉक स्प्लिट का सीधा मतलब है कि एक शेयर को छोटे-छोटे हिस्सों में बाँट देना। जैसे अगर आपके पास ₹10 का एक शेयर है और कंपनी 1:5 के अनुपात में स्प्लिट करती है, तो अब आपके पास ₹2 के 5 शेयर हो जाएंगे।
इससे दो फायदे होते हैं:
- कम कीमत पर निवेश की सुविधा: छोटे निवेशकों को अब यह शेयर अधिक सुलभ लगेगा।
- बाजार में ट्रेडिंग बढ़ेगी: कम कीमत वाले शेयरों में खरीद-बिक्री ज़्यादा होती है, जिससे शेयर की तरलता बढ़ती है।
हालाँकि, स्टॉक स्प्लिट से कंपनी की कुल वैल्यू (मार्केट कैप) नहीं बदलती। यह केवल शेयर की प्रति यूनिट कीमत को घटाकर उसे और ज्यादा लोगों तक पहुँचाने का एक तरीका है।
क्या है Adani Power की मौजूदा स्थिति?
29 जुलाई 2025 को Adani Power का शेयर लगभग ₹592 पर बंद हुआ। इसमें पिछले बंद स्तर के मुकाबले करीब 3.7% की बढ़त रही।
कंपनी की वित्तीय स्थिति पर एक नज़र:
- EPS (31 मार्च 2025 तक): ₹33.55
- P/E रेशियो: करीब 17–18
- मार्केट कैप: ₹2.20–2.27 लाख करोड़ के बीच
इन आंकड़ों से यह समझ आता है कि कंपनी फिलहाल फायदे में चल रही है और उसका मूल्यांकन भी संतुलित माना जा सकता है।
निवेशकों के लिए क्या जरूरी है?
अगर आप Adani Power में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
- बोर्ड मीटिंग के फैसले का इंतज़ार करें: 1 अगस्त को ही यह तय होगा कि स्टॉक स्प्लिट को मंजूरी मिलती है या नहीं।
- Q1FY26 के नतीजों पर नज़र रखें: इसी दिन कंपनी जून तिमाही के नतीजे भी जारी करेगी, जिससे भविष्य की स्थिति साफ़ होगी।
- जोखिम को समझें: Adani Group बीते सालों में कुछ विवादों और रिपोर्ट्स की वजह से सुर्खियों में रहा है। इसलिए निवेश से पहले जोखिम का मूल्यांकन जरूरी है।
निष्कर्ष:
Adani Power का यह कदम छोटे निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में एक नया मौका हो सकता है। लेकिन अंतिम फैसला बोर्ड मीटिंग के बाद ही सामने आएगा। जब तक कंपनी स्प्लिट अनुपात, रिकॉर्ड डेट और अन्य विवरण घोषित नहीं करती, तब तक निवेशकों को सोच-समझकर कदम उठाना चाहिए।
F.A.Q.
– Adani Power स्टॉक स्प्लिट का मतलब क्या है?
स्टॉक स्प्लिट का मतलब है किसी एक शेयर को छोटे हिस्सों में बाँटना। इससे शेयर की प्रति यूनिट कीमत घट जाती है, लेकिन शेयरधारक की कुल होल्डिंग पर कोई असर नहीं पड़ता। उदाहरण के लिए, 1:5 के स्प्लिट में ₹10 का एक शेयर अब ₹2 के 5 शेयर में बदल जाएगा।
– स्टॉक स्प्लिट से निवेशकों को क्या फायदा होता है?
स्प्लिट के बाद शेयर सस्ते हो जाते हैं, जिससे छोटे निवेशकों के लिए खरीदना आसान हो जाता है। इसके अलावा, कम कीमत वाले शेयरों में ट्रेडिंग ज्यादा होती है, जिससे शेयर में तरलता बढ़ती है।
– Adani Power की स्टॉक स्प्लिट पर अंतिम फैसला कब होगा?
कंपनी की बोर्ड बैठक 1 अगस्त 2025 को होगी, जिसमें इस प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। अगर मंजूरी मिलती है, तो बाद में स्प्लिट अनुपात, रिकॉर्ड डेट और एक्स-डेट की जानकारी दी जाएगी।
– क्या स्टॉक स्प्लिट के बाद शेयर की वैल्यू बढ़ जाएगी?
स्टॉक स्प्लिट से कंपनी की कुल वैल्यू (मार्केट कैप) नहीं बदलती, सिर्फ प्रति शेयर कीमत घटती है। हालांकि, शेयर सस्ते होने से निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है और मांग के बढ़ने पर कीमत में सुधार संभव है।
– क्या Adani Power में अभी निवेश करना सही होगा?
स्टॉक स्प्लिट की खबर से शेयर में तेजी जरूर आई है, लेकिन निवेश से पहले 1 अगस्त की बोर्ड बैठक और Q1FY26 के नतीजों का इंतज़ार करना बेहतर होगा। साथ ही कंपनी के फंडामेंटल्स और बाजार जोखिमों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
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