आज वॉटर प्रोसेसिंग और एनवायरनमेंट मैनेजमेंट सेक्टर की जानी-मानी कंपनी Ion Exchange (India) Ltd. के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। NSE और BSE दोनों ही बाजारों में कंपनी के शेयर लगभग –10.6% टूटकर बंद हुए। प्री-ओपनिंग में शेयर का भाव करीब ₹483.40 था, जबकि दिनभर का ट्रेडिंग रेंज ₹475 से ₹533 के बीच रहा। दिन के अंत में शेयर लगभग ₹484 के आसपास आकर ठहर गया।
कंपनी का शेयर पिछले 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर ₹767 से करीब 36.8% नीचे आ चुका है। निवेशकों के लिए यह गिरावट चिंता का कारण बन रही है। आइए, जानते हैं इसके पीछे की वजहें और कंपनी की मौजूदा स्थिति।

Ion Exchange Share में गिरावट के मुख्य कारण क्या हैं?
हालांकि कंपनी के तिमाही नतीजे खराब नहीं रहे, लेकिन शेयर में बिकवाली तेज़ रही। इस गिरावट की एक वजह निवेशकों का भरोसा कमजोर होना भी मानी जा रही है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी की पुरानी रणनीतियों और promoter गतिविधियों को लेकर बाज़ार में सवाल उठे हैं।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की हिस्सेदारी भी मार्च 2025 में 5.5% से घटकर अब 5.27% रह गई है। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की हिस्सेदारी थोड़ी बढ़ी है — 13.87% से बढ़कर 14.08% हो गई।
Promoter की हिस्सेदारी 25.7% पर स्थिर है और अच्छी बात यह है कि इसमें किसी तरह की pledge नहीं है।
वित्तीय नतीजे क्या कहते हैं?
अगर कंपनी के तिमाही नतीजों पर नज़र डालें, तो तस्वीर उतनी निराशाजनक नहीं है। 29 मई 2025 को घोषित Q4 FY25 के नतीजों के मुताबिक, कंपनी की consolidated आय ₹834.56 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले करीब 6.75% अधिक है।
इससे यह पता चलता है कि कंपनी का कारोबार स्थिर रूप से बढ़ रहा है। फिर भी, बाज़ार में इसका सकारात्मक असर दिखाई नहीं दिया और शेयर में गिरावट बनी रही।
शेयर की वैल्यूएशन और लाभांश पर नज़र
कंपनी का वर्तमान डिविडेंड यील्ड करीब 0.28% है, जो कई निवेशकों के लिए थोड़ा कम माना जाता है। इसके अलावा, शेयर का P/E अनुपात लगभग 38 और P/B अनुपात 6.3–6.6 के बीच है।
ये आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि शेयर महंगा है और अगर भविष्य में ग्रोथ उम्मीद से कम रही तो इसमें और कमजोरी आ सकती है। HDFC Securities जैसी कुछ ब्रोकरेज ने इसे ‘BUY’ रेटिंग दी थी, लेकिन साथ में चेतावनी भी दी कि हाई वैल्यूएशन और धीमी ग्रोथ की वजह से सतर्क रहना ज़रूरी है।
आगे की रणनीति क्या होनी चाहिए?
लंबी अवधि के निवेशक इस बात पर ध्यान दे सकते हैं कि Ion Exchange कई नए वॉटर ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट्स और अंतरराष्ट्रीय विस्तार योजनाओं पर काम कर रही है। ये योजनाएं भविष्य में कंपनी की स्थिति मजबूत कर सकती हैं।
हालांकि, फिलहाल बाज़ार का मिज़ाज कमजोर दिखाई दे रहा है। इसलिए जिन निवेशकों ने पहले से इस शेयर में निवेश कर रखा है, उन्हें अगले कुछ दिनों तक शेयर की कीमतों और संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों पर नज़र बनाए रखनी चाहिए।
निष्कर्ष
आज की तेज़ गिरावट ने Ion Exchange के निवेशकों को सतर्क कर दिया है। कंपनी की आर्थिक स्थिति फिलहाल ठीक दिख रही है, लेकिन बाज़ार की धारणा में सुधार होने तक इसमें उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना सही रहेगा।
F.A.Q.
– आज Ion Exchange के शेयर में इतनी गिरावट क्यों हुई?
आज शेयर में बिकवाली तेज़ रही। FII की हिस्सेदारी घटना, बाजार की कमजोर धारणा और कंपनी के पुराने फैसलों पर उठ रहे सवाल इसकी वजह माने जा रहे हैं।
– क्या कंपनी के तिमाही नतीजे खराब थे?
नहीं, Q4 FY25 में कंपनी की आय पिछले साल के मुकाबले करीब 6.75% बढ़ी है। कारोबार स्थिर है, लेकिन शेयर की कीमत में दबाव बना हुआ है।
– क्या अभी इस शेयर में निवेश करना सही रहेगा?
शेयर महंगे वैल्यूएशन पर है और बाजार की धारणा कमजोर है। ऐसे में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना बेहतर होगा।
– कंपनी का डिविडेंड यील्ड कितना है?
फिलहाल कंपनी का डिविडेंड यील्ड करीब 0.28% है, जो कई निवेशकों को कम लगता है।
– आगे क्या उम्मीद की जा सकती है?
कंपनी के वॉटर ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट्स और अंतरराष्ट्रीय विस्तार भविष्य में मदद कर सकते हैं, लेकिन फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
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