आज हम बात कर रहे हैं IREDA (Indian Renewable Energy Development Agency) के शेयरों की। इस साल की शुरुआत से अब तक इसके शेयरों में करीब 30% की गिरावट आ चुकी है, जिससे आम निवेशकों को नुकसान हुआ। लेकिन इसी बीच कंपनी ने मौजूदा वित्त वर्ष 2025–26 में ₹3000 करोड़ तक जुटाने की योजना का ऐलान किया है।
अब आपके मन में सवाल होगा कि जब कंपनी ने पिछले महीने ही QIP से ₹2005 करोड़ जुटाए थे, तो अब यह 3000 करोड़ कहां से आ गया? और इस कदम का असर कंपनी और निवेशकों पर क्या पड़ेगा? आइए पूरी कहानी समझते हैं।

क्यों जुटा रही है IREDA ₹3000 करोड़?
IREDA के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रदीप कुमार दास के मुताबिक सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में कंपनी की कुल 7% हिस्सेदारी तक बेचने की मंजूरी दे दी है। दिसंबर 2023 में IPO के जरिए कंपनी ने शेयर बाजार में कदम रखा था। उसके बाद मार्च 2025 में QIP (Qualified Institutional Placement) से करीब ₹2005 करोड़ जुटाए गए, जिसमें सरकार ने अपनी 3.24% हिस्सेदारी बेची।
अब सरकार बाकी बची हुई करीब 3.76% हिस्सेदारी बेच सकती है, जिससे कंपनी को ₹3000 करोड़ तक की अतिरिक्त राशि मिल सकती है। यह फंड भी QIP के जरिए ही जुटाया जाएगा और इसका इस्तेमाल कंपनी अपनी कर्ज देने की क्षमता बढ़ाने और बिजनेस विस्तार के लिए करेगी।
Jasol Engineering के विवाद से कैसे निपटी IREDA?
IREDA के सामने एक और चुनौती थी, और वह थी Jasol Engineering में फंसा उसका निवेश। कंपनी का इस पर करीब ₹700 करोड़ का एक्सपोज़र था। Jasol Engineering, ब्लू स्मार्ट जैसी कंपनियों को इलेक्ट्रिक वाहनों की लीजिंग करती है।
लेकिन आर्थिक संकट में आने के कारण Jasol में IREDA का पैसा फंस गया। हालांकि अब तक कंपनी इसमें से ₹100 करोड़ से ज्यादा की वसूली कर चुकी है। यह रकम बैंक गारंटी भुनाकर और फिक्स्ड डिपॉजिट वापस लेकर हासिल की गई। शेष राशि की रिकवरी की प्रक्रिया अब भी चल रही है।
पहली तिमाही के नतीजे क्या बताते हैं?
अगर IREDA के तिमाही नतीजों पर नज़र डालें तो कंपनी का प्रदर्शन मजबूत दिखाई दे रहा है। वित्त वर्ष 2025–26 की पहली तिमाही में—
- ऑपरेटिंग प्रॉफिट में सालाना 49% की बढ़ोतरी हुई।
- ऑपरेशन से इनकम में करीब 30% की बढ़त दर्ज हुई।
- कंपनी की लोन बुक अब ₹79,941 करोड़ तक पहुंच गई है, जो पिछले साल की तुलना में 26% ज्यादा है।
मतलब कंपनी का बिजनेस अच्छा चल रहा है, लेकिन शेयर पर बाजार का दबाव अभी भी बना हुआ है।
IREDA के शेयरों पर विशेषज्ञों की राय
अब सवाल यह है कि जिनके पास IREDA के शेयर हैं, वे क्या करें?
- बोनजा ग्रुप के विश्लेषकों के मुताबिक शेयर का सपोर्ट लेवल ₹160 के आसपास है। अगर दबाव बढ़ा तो यह ₹155 तक फिसल सकता है।
- बिज़नेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार ए.आर. रामचंद्रन का मानना है कि स्टॉक अभी बिकवाली के दबाव में है और ₹159 के नीचे जाने पर यह ₹153 तक आ सकता है।
अगर पिछले एक साल का प्रदर्शन देखें तो IREDA के शेयरों ने निवेशकों को निराश किया है।
- 1 महीने में करीब 5% की गिरावट।
- 6 महीने में करीब 22% की गिरावट।
- 1 साल में करीब 42% की गिरावट।
IREDA का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर ₹282.90 और न्यूनतम स्तर ₹137 रहा है। फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹44,000 करोड़ के आसपास है।
निष्कर्ष
IREDA अपने बिजनेस के विस्तार और कर्ज देने की क्षमता बढ़ाने के लिए पूंजी जुटाने में लगी है। तिमाही नतीजे अच्छे हैं, लेकिन शेयर बाजार में दबाव अब भी बरकरार है। जिन निवेशकों के पास इस समय शेयर हैं, उन्हें जल्दबाज़ी में कोई कदम नहीं उठाना चाहिए और अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लेकर ही कोई निर्णय लेना चाहिए।
F.A.Q.
– IREDA ने पिछले महीने ही फंड जुटाया था, अब फिर क्यों पैसे जुटा रही है?
पिछले महीने IREDA ने QIP के जरिए ₹2005 करोड़ जुटाए थे। लेकिन सरकार ने इस वित्त वर्ष में कुल 7% हिस्सेदारी बेचने की मंजूरी दी है। अब बाकी बची 3.76% हिस्सेदारी बेचकर कंपनी करीब ₹3000 करोड़ और जुटाएगी ताकि अपनी कर्ज देने की क्षमता और बिजनेस को बढ़ा सके।
– IREDA के शेयरों में इस साल इतनी गिरावट क्यों हुई?
मार्केट में बिकवाली के दबाव, कड़ी प्रतिस्पर्धा, और Jasol Engineering में फंसे निवेश जैसी चुनौतियों की वजह से IREDA के शेयर इस साल करीब 30% टूट गए हैं।
– क्या Jasol Engineering में फंसा पैसा कंपनी को बड़ा नुकसान देगा?
कंपनी ने अब तक Jasol Engineering से ₹100 करोड़ से ज्यादा की वसूली कर ली है और बाकी रकम की रिकवरी की प्रक्रिया भी जारी है। इसका असर फिलहाल मैनेज करने लायक माना जा रहा है।
– IREDA के तिमाही नतीजे कैसे रहे?
कंपनी ने पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया। ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 49% और ऑपरेशन से इनकम में 30% की बढ़त हुई। लोन बुक भी 26% बढ़कर ₹79,941 करोड़ तक पहुंच गई।
– क्या अभी IREDA के शेयर खरीदने चाहिए या बेचने?
फिलहाल शेयर दबाव में हैं और कुछ विशेषज्ञों के मुताबिक यह ₹155–153 तक जा सकता है। अगर आपके पास पहले से शेयर हैं तो सलाहकार से सलाह लेकर ही कोई फैसला लें। नए निवेशकों को थोड़ा इंतजार करना बेहतर हो सकता है।
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