अगर आप शेयर मार्केट की गतिविधियों पर नज़र रखते हैं, तो आपने हाल ही में IRFC (Indian Railway Finance Corporation) के शेयर को लेकर कुछ हलचल ज़रूर देखी होगी। पिछले छह महीने में इस स्टॉक ने लगभग 13.1% की गिरावट दर्ज की है, और अगर पूरे एक साल का आंकड़ा देखें, तो इसमें लगभग 32% की गिरावट आई है।
ऐसे में कई निवेशकों के मन में सवाल उठ रहा है – क्या यह गिरावट जारी रहेगी, या अब यह एक मौका हो सकता है? आइए, आंकड़ों और हालिया घटनाओं के आधार पर इस स्टॉक की स्थिति को थोड़ा विस्तार से समझते हैं।

IRFC शेयर का प्रदर्शन: गिरावट के संकेत
IRFC का शेयर अभी अपने 52-हफ्तों के उच्चतम स्तर ₹196.35–₹196.40 से काफी नीचे चल रहा है। इसका 52-हफ्तों का न्यूनतम स्तर ₹108.04–₹108.05 रहा है, जो दिखाता है कि हालिया महीनों में स्टॉक ने निवेशकों का भरोसा थोड़ा खोया है।
अगर तकनीकी दृष्टि से बात करें, तो कई इंडिकेटर्स यह बता रहे हैं कि स्टॉक अभी भी दबाव में है। ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी कुछ गिरावट देखी गई है, और RSI जैसे संकेतक ओवरसोल्ड ज़ोन के करीब हैं – यानी निवेशकों में फिलहाल बेचने का झुकाव अधिक है।
वित्तीय बैकग्राउंड और Q1 FY26 के नतीजे
IRFC ने हाल ही में Q1 FY26 (30 जून 2025 तक) के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी की कुल आय ₹6,918.24 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के ₹6,765 करोड़ से करीब 2.25% ज्यादा है।
शुद्ध लाभ ₹1,745.69 करोड़ रहा, जिसमें करीब 3.8% की वृद्धि हुई है। यानी कंपनी का मूल कारोबार अभी भी स्थिर और लाभकारी बना हुआ है।
EPS (Earnings Per Share) की बात करें, तो यह ₹5.10 के आसपास बना हुआ है। वहीं, मौजूदा P/E अनुपात लगभग 25.7x और P/B अनुपात 3.14–3.26x के बीच देखा गया है, जो थोड़ा महंगा माना जा सकता है, खासकर ऐसे समय में जब स्टॉक का भाव नीचे की ओर है। डिविडेंड यील्ड लगभग 1.2–1.4% रही है, जो निवेशकों के लिए एक छोटा लेकिन स्थिर रिटर्न प्रदान करती है।
कंपनी प्रोफ़ाइल: रेलवे विकास की रीढ़
IRFC भारत सरकार के रेलवे मंत्रालय के अंतर्गत एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है। सरकार की इसमें करीब 86.36% हिस्सेदारी है, जो इसे एक भरोसेमंद और स्थिर संस्था बनाती है।
मार्च 2025 में इसे “Navratna” दर्जा दिया गया, जो इसे सार्वजनिक क्षेत्र की बड़ी कंपनियों की श्रेणी में लाता है – जैसे IRCTC, BHEL, या ONGC।
IRFC का मुख्य काम भारतीय रेलवे की बड़ी परियोजनाओं के लिए फंड मुहैया कराना है – यानी यह कंपनी प्रत्यक्ष रूप से रेलवे के विकास से जुड़ी हुई है।
विश्लेषकों की राय और लक्ष्य मूल्य
जहां एक ओर कंपनी की फंडामेंटल स्थिति मजबूत है, वहीं दूसरी ओर बाज़ार का व्यवहार कुछ अलग कहानी बयां कर रहा है।
Investing.com, The Economic Times, और अन्य प्लेटफ़ॉर्म्स पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कई विश्लेषकों ने इस स्टॉक को “Strong Sell” की रेटिंग दी है।
कुछ रिपोर्ट्स में अगले 12 महीनों का लक्ष्य मूल्य ₹60 बताया गया है – जो मौजूदा स्तर से लगभग 50% नीचे है। यह एक चेतावनी संकेत हो सकता है कि तकनीकी रूप से स्टॉक में और गिरावट की संभावना बनी हुई है।
निष्कर्ष: निवेश से पहले क्या सोचें?
IRFC एक ऐसी कंपनी है, जिसका संचालन किसी भी निजी कंपनी से अलग है। यह एक सरकार-समर्थित संस्था है, जिसकी आमदनी स्थिर और अपेक्षाकृत सुरक्षित है।
हालांकि, शेयर की कीमत में आई भारी गिरावट, और उच्च P/E रेशियो, यह संकेत देते हैं कि अभी निवेश का फैसला लेने से पहले थोड़ी सतर्कता बरतनी चाहिए।
F.A.Q.
– IRFC शेयर में इतनी गिरावट क्यों आई है?
IRFC शेयर में गिरावट का मुख्य कारण बाजार में बिकवाली का दबाव, तकनीकी संकेतकों की कमजोरी और विश्लेषकों की नकारात्मक रेटिंग है। इसके अलावा, ऊँचे P/E रेशियो और सीमित ग्रोथ अपेक्षा भी निवेशकों को सतर्क बना रही है।
– क्या IRFC एक सरकारी कंपनी है?
हां, IRFC (Indian Railway Finance Corporation) भारत सरकार के रेलवे मंत्रालय के अंतर्गत एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, जिसमें सरकार की लगभग 86.36% हिस्सेदारी है।
– क्या अभी IRFC के शेयर खरीदना सही रहेगा?
IRFC का मौजूदा फंडामेंटल स्थिर है लेकिन शेयर की कीमत में गिरावट और उच्च वैल्यूएशन के कारण यह निवेश के लिए थोड़ा जोखिमपूर्ण हो सकता है। लॉन्ग टर्म निवेशक अपने रिसर्च के बाद सीमित मात्रा में निवेश पर विचार कर सकते हैं।
– IRFC शेयर का डिविडेंड कितना है?
IRFC का डिविडेंड यील्ड लगभग 1.2% से 1.4% के बीच रहा है, जो एक स्थिर आय स्रोत प्रदान करता है, खासकर उन निवेशकों के लिए जो डिविडेंड आधारित रणनीति अपनाते हैं।
– IRFC का 12 महीने का लक्ष्य मूल्य क्या है?
कुछ प्रमुख विश्लेषकों ने IRFC शेयर का 12 महीने का लक्ष्य मूल्य ₹60 बताया है, जो मौजूदा बाजार मूल्य से काफी नीचे है। यह दर्शाता है कि अल्पकालिक दृष्टिकोण से जोखिम बना हुआ है।
Also read:-