अगर आपके पास Jio Financial Services का शेयर है, तो आज यानी 31 जुलाई का दिन आपके लिए राहत लेकर आया है। जब बाकी बाजार में गिरावट का माहौल देखने को मिला, तब भी Jio Financial का शेयर करीब 3% ऊपर कारोबार करता नजर आया। अब सवाल उठता है कि आखिर क्या वजह है इस तेजी की?
असल में, यह तेजी सीधे तौर पर जुड़ी हुई है अंबानी परिवार के एक बड़े फैसले से। 30 जुलाई को Jio Financial Services की बोर्ड मीटिंग हुई, जिसमें कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी बढ़ाने का फैसला लिया गया। साथ ही कंपनी ने एक बड़ा फंड जुटाने की भी योजना बनाई है। चलिए, पूरे मामले को एक-एक करके समझते हैं।

₹15,825 करोड़ जुटाने की तैयारी में Jio Financial
Jio Financial ने 30 जुलाई को हुई बोर्ड मीटिंग में तय किया कि कंपनी प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए 50 करोड़ कन्वर्टेबल वारंट्स जारी करेगी। इन वारंट्स के जरिए कंपनी करीब ₹15,825 करोड़ की पूंजी जुटाएगी। हर वारंट की कीमत ₹316.50 तय की गई है और ये भविष्य में ₹10 फेस वैल्यू वाले फुली पेड अप शेयर में बदले जा सकेंगे।
इसका मतलब यह हुआ कि जिनके पास ये वारंट होंगे, वे भविष्य में कंपनी के शेयरहोल्डर बन सकते हैं। यानी कि यह सीधे तौर पर इक्विटी हिस्सेदारी से जुड़ा मामला है।
प्रमोटर की हिस्सेदारी में होगा इज़ाफा
अब बात करते हैं कि इस डील से प्रमोटर यानी अंबानी परिवार की हिस्सेदारी में कितना बदलाव आएगा। अभी तक Jio Financial में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 47.12% थी, जो अब बढ़कर 54.19% हो जाएगी। यानी कि लगभग 7% की बढ़ोतरी।
ये वारंट्स अंबानी ग्रुप की दो कंपनियों को मिलेंगे – Sikka Ports & Terminals Limited और Jamnagar Utilities & Power Private Limited।
- Sikka Ports की मौजूदा हिस्सेदारी 1.08% है, जो बढ़कर 4.5% के करीब हो जाएगी।
- Jamnagar Utilities की हिस्सेदारी 2% के आसपास है, जो अब 5.5% हो सकती है।
इससे साफ है कि अंबानी ग्रुप अपनी पकड़ Jio Financial में और मजबूत कर रहा है।
निवेशकों के लिए क्या मतलब है इसका?
अब सवाल यह उठता है कि आम निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है? सबसे पहली बात यह है कि जब प्रमोटर खुद अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं, तो यह कंपनी में उनके भरोसे का संकेत होता है। निवेशक इसे एक पॉजिटिव सिग्नल के तौर पर लेते हैं।
दूसरी बात यह है कि ₹15,825 करोड़ की पूंजी आने के बाद कंपनी के पास कैश फ्लो मजबूत होगा। इससे भविष्य की योजनाओं में तेजी लाई जा सकेगी।
हाँ, एक चीज़ ध्यान देने वाली है – जब कन्वर्टेबल वारंट्स को शेयर में बदला जाएगा, तब शेयर की संख्या बढ़ेगी, यानी इक्विटी डायल्यूशन होगा। लेकिन अगर कंपनी की ग्रोथ मजबूत रहती है, तो इसका असर सीमित हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों से मिल रही ताकत
Jio Financial Services सिर्फ फंड जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्लोबल लेवल पर अपनी मौजूदगी भी बढ़ा रही है। हाल ही में कंपनी ने दो बड़ी साझेदारियां की हैं:
- BlackRock के साथ जॉइंट वेंचर – इसे “Jio BlackRock” नाम दिया गया है। यह भारत के म्यूचुअल फंड बाजार में एक बड़ी एंट्री मानी जा रही है।
- Allianz के साथ साझेदारी – यह ग्लोबल इंश्योरेंस कंपनी है और इसके साथ Jio ने भारत के इंश्योरेंस सेक्टर में कदम रखा है।
इन दोनों साझेदारियों से यह साफ होता है कि कंपनी की रणनीति सिर्फ भारतीय बाजार तक सीमित नहीं है। वह ग्लोबल स्टैंडर्ड पर फाइनेंशियल सर्विस देने की दिशा में काम कर रही है।
Jio Financial शेयर की परफॉर्मेंस कैसी रही है?
31 जुलाई को सुबह 11 बजे तक Jio Financial का शेयर ₹329 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो कि दिन की शुरुआत में ही करीब 3% की बढ़त दर्शाता है।
अगर पिछले कुछ महीनों का डेटा देखें, तो:
- पिछले 3 महीनों में शेयर ने करीब 23% का रिटर्न दिया है।
- वहीं 6 महीने में यह रिटर्न 36% से ज्यादा का रहा है।
ब्रोकरेज हाउस Jeet Financial ने शेयर को “बाय” रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹361 तय किया है। इसका मतलब है कि मौजूदा भाव से अभी भी 12-13% की संभावित तेजी देखी जा सकती है।
निष्कर्ष
तो अगर आपके पोर्टफोलियो में Jio Financial Services का शेयर है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। प्रमोटर की बढ़ती हिस्सेदारी, नए फंड की व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों से कंपनी की स्थिति मजबूत होती दिख रही है। हां, निवेश से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें, लेकिन मौजूदा संकेत सकारात्मक नजर आ रहे हैं।
F.A.Q.
– Jio Financial Services इतनी बड़ी रकम क्यों जुटा रही है?
कंपनी का मकसद अपने फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस को तेजी से बढ़ाना है। ₹15,825 करोड़ की यह पूंजी कंपनी को विस्तार, टेक्नोलॉजी निवेश और नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने में मदद करेगी।
– यह फंड किस तरीके से जुटाया जा रहा है?
Jio Financial 50 करोड़ कन्वर्टेबल वारंट्स जारी करके यह रकम जुटा रही है। हर वारंट ₹316.50 पर जारी होगा और भविष्य में इन्हें फुली पेड अप इक्विटी शेयर में बदला जा सकता है।
– अंबानी ग्रुप की हिस्सेदारी कितनी बढ़ने जा रही है?
अभी तक प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 47.12% थी, जो इस डील के बाद बढ़कर 54.19% हो जाएगी।
– क्या इससे शेयरधारकों को कोई नुकसान होगा?
थोड़ी इक्विटी डाइल्यूशन जरूर होगी यानी शेयर की संख्या बढ़ेगी, लेकिन अगर कंपनी की ग्रोथ मजबूत रहती है, तो लॉन्ग टर्म में इसका फायदा ही हो सकता है।
– क्या अभी Jio Financial में निवेश करना सही रहेगा?
ब्रोकरेज हाउस Jeet Financial ने शेयर को “बाय” रेटिंग दी है और ₹361 का टारगेट प्राइस बताया है। मौजूदा भाव से करीब 12-13% की संभावित तेजी दिख रही है, लेकिन निवेश से पहले खुद की रिसर्च ज़रूर करें।
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