अगर आज के शेयर बाजार पर नजर डालें, तो State Bank of India यानी SBI का नाम सबसे ज़्यादा चर्चा में रहा। 9 फरवरी 2026 को SBI के शेयर में तेज़ी देखने को मिली। दिन के कारोबार में शेयर करीब 6% तक चढ़ा और ₹1,130 के आसपास पहुंच गया। यह स्तर अब तक के ऊंचे स्तरों में से एक माना जा रहा है। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह बैंक के तिमाही नतीजे रहे, जो बाजार की उम्मीदों से बेहतर निकले।
कुछ एक्सचेंज डेटा के अनुसार SBI का शेयर ₹1,128.70 के आसपास भी ट्रेड करता दिखा। इसके साथ ही कई ब्रोकरेज हाउस ने बैंक के लिए अपना टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹1,250 तक कर दिया है। इससे साफ है कि आज SBI का शेयर सिर्फ ऊपर नहीं गया, बल्कि निवेशकों का भरोसा भी साथ लेकर चला।

State Bank of India Share ताजा खबरें
पिछले कुछ दिनों में SBI को लेकर कई अहम अपडेट सामने आए हैं, जिनका असर सीधे शेयर की चाल पर पड़ा है।
सबसे पहले बात तिमाही नतीजों की करें, तो Q3 में बैंक की कमाई मजबूत रही। नेट इंटरेस्ट इनकम में बढ़ोतरी देखने को मिली और क्रेडिट ग्रोथ भी अच्छी रही। इसका मतलब है कि बैंक का लोन बिजनेस स्थिर गति से आगे बढ़ रहा है। ऐसे नतीजे आम तौर पर निवेशकों को भरोसा देते हैं।
इसके अलावा, पिछले कुछ तिमाहियों में SBI का नेट प्रॉफिट भी लगातार बेहतर हुआ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछली तिमाही में बैंक के मुनाफे में करीब 19% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। यह संकेत देता है कि बैंक सिर्फ बड़ा ही नहीं, बल्कि मुनाफे के मामले में भी संतुलन बनाए हुए है।
कुछ समय पहले SBI ने अपनी गैर-प्रमुख हिस्सेदारियों से भी लाभ कमाया था। जैसे, Yes Bank में हिस्सेदारी बेचने से बैंक को एकमुश्त फायदा हुआ था। ऐसे कदम बैंक की बैलेंस शीट को मजबूत बनाते हैं और बाजार इसे सकारात्मक रूप में देखता है।
इन सभी खबरों का असर धीरे-धीरे शेयर की वैल्यूएशन पर पड़ा है और निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
पिछले कुछ समय में SBI शेयर की चाल
SBI का शेयर हमेशा सीधी लाइन में नहीं चलता। पिछले एक साल में इसमें उतार-चढ़ाव दोनों देखने को मिले हैं।
2025 के दौरान कुछ मौकों पर शेयर में गिरावट भी आई थी। उस समय बैंकिंग सेक्टर पर दबाव था और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। ऐसे माहौल में SBI का शेयर भी नीचे के स्तरों पर ट्रेड करता दिखा।
कुछ रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि SBI ने अपने 52-सप्ताह के हाई और लो दोनों स्तर देखे हैं। इसका मतलब यह है कि लंबी अवधि में शेयर ने अलग-अलग परिस्थितियों का सामना किया है।
हाल के महीनों में तस्वीर थोड़ी बदली है। कई ब्रोकरेज फर्मों ने SBI को लेकर अपना नजरिया सकारात्मक रखा है और टारगेट प्राइस बढ़ाए हैं। हालांकि, बीच-बीच में मुनाफावसूली के चलते हल्की गिरावट भी देखने को मिली है।
यह सब दिखाता है कि SBI का शेयर बाजार के माहौल के हिसाब से ऊपर-नीचे होता रहता है, जो किसी भी बड़े बैंकिंग शेयर के लिए सामान्य बात है।
SBIN शेयर ट्रेडिंग का मतलब समझें
शेयर बाजार में SBI को SBIN कोड से जाना जाता है। यह भारत का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है और इसका शेयर NSE और BSE दोनों पर सक्रिय रूप से ट्रेड होता है।
SBI के शेयर पर कई चीजों का असर पड़ता है। जैसे, ब्याज दरों में बदलाव, बैंकिंग नीतियां, लोन की मांग, और देश की आर्थिक स्थिति। जब बैंक के तिमाही नतीजे अच्छे आते हैं, तो शेयर में तेजी देखने को मिलती है। वहीं, अगर नतीजे उम्मीद से कमजोर रहें या बाजार का मूड खराब हो, तो शेयर पर दबाव बनता है।
आज के सत्र में Q3 के अच्छे नतीजों और सकारात्मक बाजार भावना ने SBIN को मजबूती दी है। यही वजह है कि निवेशकों की नजर इस शेयर पर बनी हुई है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है
अगर आप SBI में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो कुछ बातों को समझना जरूरी है।
पहली बात, कमाई रिपोर्ट। SBI जैसी बड़ी कंपनी के लिए तिमाही नतीजे सबसे अहम होते हैं। जब कमाई मजबूत रहती है, तो शेयर को सहारा मिलता है।
दूसरी बात, बाजार का माहौल। ग्लोबल और घरेलू संकेत भी SBI के शेयर को प्रभावित करते हैं। जैसे, ब्याज दरों से जुड़ी खबरें या बड़े आर्थिक फैसले।
तीसरी बात, ब्रोकरेज की राय। जब बड़े ब्रोकरेज SBI का टारगेट बढ़ाते हैं, तो निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ती है। हालिया तेजी में इसका भी योगदान रहा है।
आज के हिसाब से नजर
आज के शेयर बाजार सत्र में SBI ने मजबूत प्रदर्शन किया है और निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। हालांकि, शेयर की कीमत रोज बदलती है, लेकिन फिलहाल बैंक के नतीजे और बाजार के संकेत SBI के पक्ष में दिख रहे हैं।
अगर आप शेयर बाजार से जुड़े हैं या SBI में निवेश पर विचार कर रहे हैं, तो ताजा खबरों, तिमाही नतीजों और बाजार की दिशा पर नजर रखना जरूरी है। बिना जल्दबाजी के, जानकारी समझकर ही फैसला लेना बेहतर होता है।
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