पिछले एक साल में Tera Software इस स्टॉक ने ऐसी रफ्तार पकड़ी है कि निवेशकों की नज़रें इस पर टिक गई हैं। करीब 300% तक का रिटर्न, मुनाफे में तेजी और कानूनी मामलों से राहत ये सब कारण हैं जिनकी वजह से अब चर्चा हो रही है कि क्या Tera Software भविष्य में मल्टीबैगर बन सकता है। आइए, इसके प्रदर्शन और संभावनाओं को विस्तार से समझते हैं।

Tera Software Share पिछले साल का प्रदर्शन – तीन गुना से ज्यादा रिटर्न
शेयर बाजार में किसी कंपनी के भविष्य की चर्चा तब होती है जब उसका अतीत चमक दिखाता है। Tera Software ने यही कर दिखाया है।
- Tickertape के अनुसार, पिछले 1 साल में इसने +304% का रिटर्न दिया।
- Value Research और Financial Express के आँकड़े भी बताते हैं कि रिटर्न 292–305% के बीच रहा।
- ICICI Direct का कहना है कि शेयर प्राइस में 292.16% की बढ़त हुई।
मतलब, जिसने भी एक साल पहले इस स्टॉक में ₹1 लाख लगाए होते, आज उसके लगभग ₹4 लाख हो चुके होते। इतना रिटर्न कम ही कंपनियाँ देती हैं, और इसी वजह से अब यह निवेशकों की नज़र में है।
वित्तीय स्थिति – मुनाफे में लगातार सुधार
किसी भी स्टॉक की असली ताकत उसके फाइनेंशियल रिजल्ट में झलकती है। Tera Software ने यहाँ भी अच्छा काम किया है।
- FY2024-25 में कंपनी का रेवेन्यू ₹107–116 करोड़ रहा। साथ ही PAT (Profit After Tax) लगभग 174% बढ़कर ₹9.4 करोड़ से करीब ₹11 करोड़ हो गया।
- जून तिमाही (Q1 FY2025-26) में कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹4.65 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 69.7% ज्यादा है।
- इतना ही नहीं, कंपनी ने ₹1 प्रति शेयर का अंतिम लाभांश देने का प्रस्ताव रखा है।
इन आँकड़ों से साफ है कि यह सिर्फ शेयर प्राइस की तेजी नहीं है। असल में कंपनी की कमाई और नकदी प्रवाह भी मजबूत हो रहा है। निवेशकों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है।
हाल की खबरें और भविष्य की संभावनाएँ
बाजार में कंपनी की दिशा सिर्फ नतीजों से नहीं, बल्कि नीतिगत और कानूनी स्थितियों से भी तय होती है। Tera Software को इस मोर्चे पर भी राहत मिली है।
- झारखंड हाई कोर्ट ने कंपनी के GST से जुड़े पेंडिंग मामलों का निस्तारण कर दिया है। इससे कॉर्पोरेट रिस्क कम हो गया है।
- 12 अगस्त को हुई बोर्ड बैठक में जून तिमाही के नतीजे और लाभांश पर चर्चा हुई, जिससे पता चलता है कि मैनेजमेंट पारदर्शी और अनुशासित तरीके से काम कर रहा है।
इसके अलावा, कंपनी स्मॉल-कैप कैटेगरी में है, जहाँ तेजी और विकास की संभावना हमेशा ज्यादा रहती है। अगर यह ट्रेंड जारी रहा, तो आने वाले सालों में और बेहतर नतीजे देखने को मिल सकते हैं।
निवेशकों के लिए सीख – मौका है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी
पिछले एक साल में Tera Software ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है।
- एक साल का लगभग 300% रिटर्न
- मुनाफे में बढ़त और मार्जिन में सुधार
- लाभांश प्रस्ताव
- कानूनी मामलों से राहत
ये सब मिलकर इसे संभावित मल्टीबैगर बनाते हैं। लेकिन साथ ही यह भी सच है कि स्मॉल-कैप स्टॉक्स में वोलैटिलिटी बहुत होती है। बाजार में हल्की गिरावट भी इनके दाम पर बड़ा असर डाल सकती है।
इसलिए, अगर आप लंबी अवधि के निवेशक हैं और उतार-चढ़ाव झेल सकते हैं, तो यह स्टॉक आपके पोर्टफोलियो में जगह बना सकता है। वहीं शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए इसमें रिस्क ज्यादा है।
निष्कर्ष
Tera Software ने अब तक जिस तरह का प्रदर्शन दिखाया है, वह किसी भी निवेशक का ध्यान खींच सकता है। एक साल में तिगुना रिटर्न, मुनाफे में तेजी और कानूनी क्लियरेंस, ये सब इसे खास बनाते हैं। लेकिन यह भी याद रखना चाहिए कि हर स्मॉल-कैप स्टॉक में जोखिम छुपा होता है।
F.A.Q.
– पिछले एक साल में Tera Software ने कितना रिटर्न दिया है?
पिछले 1 साल में कंपनी ने लगभग 300% से अधिक रिटर्न दिया है।
– कंपनी की वित्तीय स्थिति कैसी है?
FY2024-25 में कंपनी ने ₹107–116 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया और PAT लगभग 174% बढ़कर ₹11 करोड़ तक पहुंचा।
– क्या Tera Software ने डिविडेंड घोषित किया है?
हाँ, जून तिमाही (FY2025-26) के नतीजों के साथ कंपनी ने ₹1 प्रति शेयर का अंतिम लाभांश प्रस्तावित किया है।
– क्या यह शेयर मल्टीबैगर बन सकता है?
कंपनी का प्रदर्शन और तेज़ ग्रोथ संभावनाएँ इसे मल्टीबैगर की लिस्ट में लाती हैं। लेकिन यह स्मॉल-कैप शेयर है, इसलिए उतार-चढ़ाव और जोखिम भी ज्यादा रहेगा।
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