टेक्नोलॉजी सेक्टर में तेजी से बदलते ट्रेंड के बीच Persistent Systems ने खुद को डिजिटल इंजीनियरिंग और क्लाउड सेवाओं में मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है। निवेशकों के लिए सवाल यह है कि Persistent Systems Share Price Target 2026, 2027, 2028, 2029, 2030 तक कहाँ पहुंच सकता है।
कंपनी की लगातार बढ़ती आय, बड़े ग्लोबल क्लाइंट्स और एआई आधारित सॉल्यूशंस पर फोकस इसे लंबी अवधि में ग्रोथ का अवसर देते हैं। यही कारण है कि आने वाले पांच साल इसके शेयर के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।

Persistent Systems Share Price Target 2026
Persistent Systems Share Price Target 2026 को लेकर निवेशकों में काफी उत्सुकता है, खासकर कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक और डिजिटल सर्विसेज़ ग्रोथ को देखते हुए। Persistent Systems ने पिछले कुछ वर्षों में क्लाउड, एआई और डिजिटल इंजीनियरिंग में लगातार विस्तार किया है, जिसका असर इसके रेवेन्यू और प्रॉफिट पर साफ दिखता है।
2026 के लिए पहला संभावित टारगेट ₹4900 माना जा सकता है, अगर कंपनी अपनी मौजूदा ग्रोथ रफ्तार बनाए रखती है। वहीं दूसरा टारगेट ₹5000 तक जा सकता है, बशर्ते ग्लोबल आईटी डिमांड और मार्जिन में सुधार जारी रहे।
निवेश से पहले कंपनी के तिमाही नतीजे, ऑर्डर डील्स और सेक्टर ट्रेंड पर नजर रखना जरूरी है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह शेयर मजबूत फंडामेंटल के कारण आकर्षक विकल्प बन सकता है।
Persistent Systems Share Price Target 2026 Table
| Year | Persistent Systems Share Price Target 2026 |
| First Target 2026 | Rs 4900 |
| Second Target 2026 | Rs 5000 |
Persistent Systems Share Price Target 2027
अगर आप Persistent Systems Share Price Target 2027 को लेकर गंभीरता से सोच रहे हैं, तो पहले कंपनी की ग्रोथ ट्रैक रिकॉर्ड समझना जरूरी है।
Persistent Systems पिछले कुछ सालों में डिजिटल इंजीनियरिंग और क्लाउड सर्विसेज के दम पर लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रही है। कंपनी की ऑर्डर बुक, क्लाइंट बेस और ग्लोबल डिमांड को देखते हुए 2027 तक अच्छी संभावनाएँ बनती दिख रही हैं।
मौजूदा फंडामेंटल्स और इंडस्ट्री ट्रेंड्स के आधार पर पहला संभावित टारगेट ₹5200 के आसपास माना जा सकता है। अगर कंपनी इसी रफ्तार से रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ बनाए रखती है, तो दूसरा टारगेट ₹5400 तक पहुंच सकता है। हालांकि, निवेश से पहले मार्केट जोखिम और आईटी सेक्टर की उतार-चढ़ाव को जरूर ध्यान में रखें।
Persistent Systems Share Price Target 2027 Table
| Year | Persistent Systems Share Price Target 2027 |
| First Target 2027 | Rs 5200 |
| Second Target 2027 | Rs 5400 |
Persistent Systems Share Price Target 2028
अगर आप Persistent Systems Share Price Target 2028 को लेकर सोच रहे हैं, तो लंबी अवधि के निवेश के नजरिए से यह शेयर दिलचस्प दिखता है।
Persistent Systems ने पिछले कुछ वर्षों में क्लाउड, एआई और डिजिटल इंजीनियरिंग सेगमेंट में मजबूत ग्रोथ दिखाई है। कंपनी का ऑर्डर बुक और क्लाइंट बेस लगातार बढ़ रहा है, जो 2028 तक बेहतर रेवेन्यू विजिबिलिटी देता है।
मौजूदा फंडामेंटल और सेक्टर ग्रोथ को देखते हुए पहला टारगेट ₹5600 के आसपास माना जा सकता है। अगर कंपनी इसी रफ्तार से प्रॉफिट ग्रोथ और मार्जिन सुधार बनाए रखती है, तो दूसरा टारगेट ₹5800 तक पहुंच सकता है। हालांकि, आईटी सेक्टर में ग्लोबल मंदी या करेंसी उतार–चढ़ाव का असर शेयर पर पड़ सकता है, इसलिए निवेश से पहले रिस्क फैक्टर जरूर समझें।
Persistent Systems Share Price Target 2028 Table
| Year | Persistent Systems Share Price Target 2028 |
| First Target 2028 | Rs 5600 |
| Second Target 2028 | Rs 5800 |
Persistent Systems Share Price Target 2029
अगर आप Persistent Systems Share Price Target 2029 को लेकर लॉन्ग-टर्म निवेश की सोच रहे हैं, तो कंपनी की मजबूत ग्रोथ और डिजिटल सर्विसेज़ सेक्टर में बढ़ती मांग पर ध्यान देना ज़रूरी है।
Persistent Systems ने पिछले कुछ वर्षों में लगातार रेवेन्यू और प्रॉफिट में स्थिर बढ़ोतरी दिखाई है, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। 2029 के लिए पहला संभावित टारगेट ₹6000 के आसपास देखा जा सकता है, अगर कंपनी की अर्निंग ग्रोथ इसी रफ्तार से जारी रहती है।
वहीं दूसरा टारगेट ₹6300 तक पहुंच सकता है, बशर्ते ग्लोबल आईटी खर्च और बड़े क्लाइंट डील्स में विस्तार बना रहे। कुल मिलाकर, 2029 तक यह शेयर लॉन्ग-टर्म निवेशकों को अच्छा रिटर्न देने की क्षमता रखता है, लेकिन बाजार जोखिम को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
Persistent Systems Share Price Target 2029 Table
| Year | Persistent Systems Share Price Target 2029 |
| First Target 2029 | Rs 6000 |
| Second Target 2029 | Rs 6300 |
Persistent Systems Share Price Target 2030
अगर आप टेक्नोलॉजी सेक्टर में लंबी अवधि का निवेश सोच रहे हैं, तो Persistent Systems Share Price Target 2030 पर नजर रखना जरूरी है।
कंपनी का फोकस डिजिटल इंजीनियरिंग, क्लाउड और एआई सर्विसेज पर है, जो आने वाले वर्षों में तेज़ ग्रोथ दे सकते हैं। लगातार बढ़ती आय, मजबूत ऑर्डर बुक और ग्लोबल क्लाइंट बेस इसके फंडामेंटल को सपोर्ट करते हैं।
पहले अनुमान के अनुसार 2030 तक इसका शेयर प्राइस ₹6500 के आसपास पहुंच सकता है, अगर ग्रोथ की रफ्तार बनी रहती है। वहीं आक्रामक ग्रोथ और मजबूत आईटी डिमांड की स्थिति में दूसरा टारगेट ₹6700 तक भी देखा जा सकता है। हालांकि, निवेश से पहले मार्केट की स्थिति और कंपनी के तिमाही नतीजों पर ध्यान देना समझदारी होगी।
Persistent Systems Share Price Target 2030 Table
| Year | Persistent Systems Share Price Target 2030 |
| First Target 2030 | Rs 6500 |
| Second Target 2030 | Rs 6700 |
Persistent Systems Share F.A.Q.
– Persistent Systems Share किस सेक्टर की कंपनी है?
Persistent Systems एक आईटी सर्विस और डिजिटल इंजीनियरिंग कंपनी है, जो क्लाउड, एआई, डेटा एनालिटिक्स और सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट इंजीनियरिंग में काम करती है।
– क्या Persistent Systems Share लंबी अवधि के लिए अच्छा निवेश है?
कंपनी की लगातार बढ़ती रेवेन्यू, मजबूत क्लाइंट बेस और ग्लोबल उपस्थिति इसे लॉन्ग टर्म निवेश के लिए आकर्षक बनाती है। हालांकि निवेश से पहले वैल्यूएशन और मार्केट कंडीशन जरूर देखें।
– Persistent Systems Share का 2030 तक संभावित टारगेट क्या हो सकता है?
विश्लेषकों के अनुसार, ग्रोथ ट्रेंड बरकरार रहने पर 2030 तक इसका शेयर ₹9,000 से ₹11,000 के दायरे में पहुंच सकता है। यह पूरी तरह कंपनी की कमाई और आईटी सेक्टर की मांग पर निर्भर करेगा।
– क्या Persistent Systems डिविडेंड देती है?
हाँ, कंपनी समय-समय पर अपने निवेशकों को डिविडेंड देती है। डिविडेंड यील्ड बहुत अधिक नहीं होती, लेकिन स्थिर रिटर्न का संकेत देती है।
– Persistent Systems Share में निवेश से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
कंपनी के तिमाही नतीजे, ऑर्डर बुक, मैनेजमेंट की गाइडेंस, और आईटी सेक्टर के ट्रेंड को समझना जरूरी है। साथ ही, अपने जोखिम प्रोफाइल के अनुसार ही निवेश का फैसला लें।
Conclusion
आने वाले वर्षों में Persistent Systems का प्रदर्शन काफी हद तक आईटी सेक्टर की मांग, डॉलर रेवेन्यू ग्रोथ और कंपनी की नई डील्स पर निर्भर करेगा। अगर मैनेजमेंट अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी को सफलतापूर्वक लागू करता है, तो 2026 से 2030 के बीच शेयर में मजबूत उछाल देखने को मिल सकता है। हालांकि, मार्केट में उतार-चढ़ाव हमेशा बना रहता है, इसलिए निवेश से पहले फंडामेंटल और वैल्यूएशन का विश्लेषण जरूरी है। लंबी अवधि के निवेशक धैर्य के साथ रणनीतिक तरीके से कदम उठाएं, तो बेहतर रिटर्न की संभावना बन सकती है।
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