कैसे चुनें जाते है Nifty50 के 50 शेयर | Nifty 50 Shares selection criteria

Nifty50 के 50 शेयर कैसे चुनें जाते है (Nifty 50 Shares selection criteria):-

आज की ब्लॉग में आसान भाषा  हम बताएँगे की निफ्टी फिफ्टी  के 50 शेयर्स कैसे चुने जाते हैं। स्टॉक मार्केट में बहुत सारे कंपनी आते रहते है अभी तक NSE में 1600 के ऊपर कंपनी लिस्ट हैं। तो ए 1600 कंपनी के प्रदर्शन कैसे चल रहा है उसका अंदाजा तो आना चाहिए इसलिए पुरे मार्केट का प्रदर्शन देखने के लिए निफ्टी 50 बनाया है।

निफ्टी 50 में आने के लिए 6 मापदंड है जिसके जरिये एक कंपनी निफ्टी फिफ्टी मे अपनी जगह बना सकते हैं। ए 6 मापदंड हर कंपनी पूरा करना आशन नहीं बहुत ही मुस्किल है। निफ्टी फिफ्टी मे हर साल 2 बार कंपनी की पुनर्संतुलन होता है जो भी कंपनी निफ्टी फिफ्टी का 6 मापदंड पूरा नहीं करते वो कंपनी निफ्टी फिफ्टी से बाहर हो जाते हैं और नई कंपनी अन्दर आते हैं।

निफ्टी फिफ्टी में चुने जाने के लिए 6 मापदंड (Nifty 50 Shares selection criteria):-

१. भारतीय कंपनी:-

निफ्टी फिफ्टी के अंदर होने के लिए एक कंपनी को भारतीय होना चाहिए और शेयर मार्केट मे लिस्ट होना चाहिए। ऐसे बहुत सारे कंपनी मिलेगी जो भारत मे तो कारोबार करते है लेकिन भारतीय शेयर बाज़ार मे लिस्ट नहीं हैं। देश को प्रतिनिधित्व करने के लिए भारत का ही कंपनी होना चाहिए।

२. 10 % शेयर्स जारी करना:-

निफ्टी फिफ्टी आने से पहले हर कंपनी को कम से कम 10% शेयर्स मार्केट में खरीद बेच करना चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए की कंपनी के सारे शेयर्स कंपनी के पास ही हो। निफ्टी बोलता है की प्रमोटर ज्यादा शेयर्स अपने पास नहीं रख सकते। 3 साल बाद हर कंपनी को 75:25 के हिसाब से रखना है कंपनी के शेयर्स।

३. शेयर्स में लिक्विडिटी होना चाहिए:-

निफ्टी फिफ्टी में आने के लिए कंपनी की शेयर्स मे लिक्विडिटी होना चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए की एक बार ट्रेड होके और ट्रेड ना हो। हर समय हर सेकंड ट्रेड होना चाहिए। लोअर सर्किट ऊपर सर्किट एसे कंपनी निफ्टी फिफ्टी का पार्ट नहीं होंगे, जिस कंपनी के पास पैसा है मार्केट कैपिटलाइजेशन से हिसाब बढ़ा, लिक्विडिटी है ऐसे कंपनी ही निफ्टी फिफ्टी का पार्ट बन सकता हैं।

Nifty 50 Shares selection criteria

निफ्टी फिफ्टी में चुने जाने के लिए 6 मापदंड (Nifty 50 Shares selection criteria):-

४. औसत प्रदर्शन:-

निफ्टी फिफ्टी के अन्दर आने के लिए कोई कंपनी को तो बाहर जाना होगा निफ्टी फिफ्टी का खराब प्रदर्शन करने वाली कंपनी उसके मार्केट कैपिटलाइजेशन के 1.5% ज्यादा जो भी कंपनी निफ्टी फिफ्टी में आने वाली है होना चाहिए। जो भी कंपनी आने वाली है उस कंपनी का पहले 6 महीना का औसत प्रदर्शन देखा जायेगा। एक बार अच्छा प्रदर्शन करने से नहीं होगा कंपनी को लगातार औसत प्रदर्शन बनाए रखना होगा तभी निफ्टी फिफ्टी में अपनी जगह मिलेगा।

५. Futures & Option में होना चाहिए :-

एक कंपनी को निफ्टी फिफ्टी में अपना जगह पक्की करने के लिए 6 मापदंड मे से ए भी एक मापदंड है कंपनी को Futures & Option में होना चाहिए। ऐसे बहुत सारे कंपनी है जो निफ्टी फिफ्टी के हर मापदंड में खरे उतरते है लेकिन वो कंपनी Futures & Option मे नहीं। इसलिए वो कंपनी निफ्टी फिफ्टी का पार्ट नहीं बन सकता।

६. मार्केट कैपिटलाइजेशन Large होना चाहिए:-

एक कंपनी को निफ्टी फिफ्टी में आने के लिए मार्केट कैपिटलाइजेशन 20,000 से ज्यादा होना चाहिए। Large cap कंपनी को ही निफ्टी फिफ्टी में आने का मौका मिलता हैं।

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निफ्टी फिफ्टी के जो 6 मापदंड है कंपनी को निफ्टी फिफ्टी में आने से पहले भी पूरा करना है और आने के बाद भी पूरा करना हैं उसके बाद ही निफ्टी फिफ्टी में आने के लिए योग्य होते हैं। गारंटी नहीं की कंपनी को मिल ही जायेगा ऐसे बहुत सारे कंपनी है जो सारे मापदंड पूरा करते हैं। जो सबसे अच्छा कंपनी है वह निफ्टी फिफ्टी का पार्ट होगा।

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